राष्ट्रपति मुर्मू का आह्वान: सरकारी विभागों में उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग अनिवार्य
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-15 07:00:54

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरकारी विभागों को आधुनिक बनाने के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर जोर दिया है, ताकि सेवा वितरण में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाई जा सके।
प्रौद्योगिकी के उपयोग की आवश्यकता
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि जनता की बढ़ती अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए सरकारी विभागों को मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, ब्लॉकचेन तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का सर्वोत्तम उपयोग करके अपने तंत्र का आधुनिकीकरण करना आवश्यक है।
प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधन
राष्ट्रपति ने भारतीय सिविल लेखा सेवा, भारतीय डाक और दूरसंचार (वित्त और लेखा) सेवा, भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (लेखा) और भारतीय डाक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों को उन्नत प्रौद्योगिकियों और कौशल से अवगत रहने और अधिक नागरिक-केंद्रित, कुशल तथा पारदर्शी शासन प्रणाली बनाने का प्रयास करने का निर्देश दिया।
सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन की भूमिका
राष्ट्रपति ने कहा कि एक मजबूत सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली सुशासन की नींव है। उन्होंने अधिकारियों से लेखांकन और भुगतान प्रणालियों को सुचारू और प्रभावी बनाने के लिए उपाय करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त अधिकारियों की भूमिका वित्तीय संसाधनों के उपयोग को अधिकतम करने से कहीं आगे जाती है और इसमें नीतियों के प्रभाव का विश्लेषण करना और वित्तीय प्रबंधन प्रणालियों सहित शासन प्रणालियों को बेहतर बनाने के लिए इनपुट सुझाना शामिल है।
डाक विभाग के प्रयासों की सराहना
भारतीय डाक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों से बातचीत में राष्ट्रपति ने वित्तीय समावेश, विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित आबादी के लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आपके पास डाक विभाग और सेवाओं को अधिक ग्राहक-केंद्रित, नवोन्मेषी, डिजिटल, समावेशी और टिकाऊ बनाने का अनूठा अवसर है। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि डाक नेटवर्क हमारे जैसे विशाल और विविधतापूर्ण राष्ट्र में एकजुट करने वाले एक बड़े कारक के रूप में काम करता रहे।
राष्ट्रपति मुर्मू का यह संदेश सरकारी विभागों के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश है, जो उन्हें आधुनिक प्रौद्योगिकियों के उपयोग के माध्यम से सेवा वितरण में सुधार करने के लिए प्रेरित करता है। इससे न केवल शासन प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी, बल्कि नागरिकों के साथ सरकार का संबंध भी मजबूत होगा।