बांसवाड़ा: पटाखा गोदाम में भीषण आग और धमाके से हड़कंप, 12 लोग झुलसे
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-14 17:58:23

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के पीपलवा इंडस्ट्रियल एरिया में गुरुवार दोपहर एक पटाखा गोदाम में अचानक आग लगने से दो बड़े धमाके हुए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में 12 लोग झुलस गए, जिन्हें तुरंत महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
घटना का विवरण
गुरुवार दोपहर करीब 2:15 बजे पीपलवा स्थित पटाखा गोदाम में आग लग गई। आग लगने के बाद दो बड़े धमाके हुए, जिनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।
रेस्क्यू ऑपरेशन और पुलिस की कार्रवाई
कोतवाली थाना प्रभारी देवीलाल मीणा के निर्देश पर जेसीबी की मदद से गोदाम की दीवार तोड़ी गई। इसके बाद सीआई देवीलाल स्वयं अंदर पहुंचे और फायर ब्रिगेड के पाइप से आग बुझाने में जुट गए। आग पर काबू पाया ही जाने वाला था कि अचानक फिर धमाका हुआ, जिससे सीआई, पुलिस के जवानों और फायर ब्रिगेड के कर्मियों को बाहर भागना पड़ा।
घायलों की स्थिति
हादसे के समय गोदाम में एक श्रमिक दंपती और उनके चार बच्चे मौजूद थे, जिन्हें बिना किसी नुकसान के बचा लिया गया। हालांकि, धमाकों के बाद उठी चिंगारियों की चपेट में आने से 12 लोग झुलस गए। सभी को तत्काल महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां दो के हाथ-पैर झुलस गए हैं, जबकि शेष मामूली रूप से झुलसे हैं और खतरे से बाहर हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलने पर एडीएम अभिषेक गोयल अस्पताल पहुंचे और घायलों के बारे में जानकारी ली। बाद में कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव और पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं है। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौजूद है, और आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां कई फेरे लगा चुकी हैं।
गोदाम के स्वामित्व की जानकारी
जानकारी के अनुसार, गोदाम जिस भूखंड पर बना हुआ है, वह अशोक अग्रवाल नामक व्यापारी को आवंटित है। भूखंड स्वामी ने इसे पटाखा व्यापारी सोनू सिंधी को किराए पर दे दिया है। रीको को इसकी जानकारी नहीं है। घटना के बाद पुलिस की ओर से सूचना देने के बावजूद भूखंड मालिक और पटाखा मालिक मौके पर नहीं पहुंचे।
इस हादसे ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है। आवश्यक है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन हो, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।