मां आखिर मां होती है मां की बहादुरी: तेंदुए से भिड़कर बचाई बेटे की जान
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-14 05:37:35

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक मां ने अपने आठ वर्षीय बेटे को तेंदुए के चंगुल से बचाने के लिए अदम्य साहस का परिचय दिया। यह घटना शारदा नगर के जंगल नंबर 10 के मजरा चिखुरीपुरवा गांव की है, जहां मंगलवार शाम तेंदुए ने अचानक बालक पर हमला कर दिया।
घटना का विवरण:
मजरा चिखुरीपुरवा निवासी अशोक की पत्नी ऊषा देवी अपने आठ वर्षीय पुत्र अमन के साथ गांव के किनारे स्थित खेत में मवेशियों के लिए गन्ने की पत्तियां (अगौला) लेने गई थीं। वापसी के दौरान, गांव से कुछ ही दूरी पर, अचानक एक तेंदुआ खेत से निकलकर अमन पर झपट पड़ा और उसे दबोच लिया। यह देख, ऊषा देवी ने बिना किसी हिचकिचाहट के शोर मचाते हुए तेंदुए पर हमला कर दिया। करीब दो मिनट तक संघर्ष करने के बाद, उन्होंने तेंदुए को अपने बेटे से दूर भगाने में सफलता पाई। इस संघर्ष में अमन घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
क्षेत्र में तेंदुए की बढ़ती गतिविधियां:
महेवागंज के वन रेंज शारदा नगर में स्थित राजकीय कृषि प्रक्षेत्र मंझरा और इसके आसपास के इलाकों में तेंदुए की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। सोमवार शाम को भी डेयरी अनुभाग के गेट के पास तेंदुआ देखा गया था, जो शोर मचाने पर छलांग लगाकर भाग गया।
वन विभाग की कार्रवाई:
पिछले सप्ताह वन विभाग ने पिंजरा लगाकर एक तेंदुए को पकड़ने में सफलता हासिल की थी। इससे पहले भी शारदा नगर और कृषि प्रक्षेत्र में दो तेंदुए पिंजरे में कैद हो चुके हैं, जिन्हें दुधवा जंगल में स्वच्छंद छोड़ दिया गया था। शारदा नगर के डिप्टी रेंजर संजय आजाद ने बताया कि इलाके में अभी कितने तेंदुए हैं, इसकी सटीक जानकारी नहीं है। हालांकि, पिंजरे लगाए गए हैं और जल्द ही तेंदुए पकड़ में आएंगे।
ग्रामीणों में भय और आक्रोश:
लगातार हो रही तेंदुए की घटनाओं से ग्रामीणों में भय और आक्रोश व्याप्त है। वे वन विभाग से त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि ऐसे हमलों को रोका जा सके और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
ऊषा देवी की बहादुरी ने यह साबित कर दिया कि मां का प्रेम और साहस किसी भी चुनौती का सामना कर सकता है। हालांकि, इस घटना ने क्षेत्र में वन्यजीवों और मानव के बीच बढ़ते संघर्ष की ओर भी ध्यान आकर्षित किया है, जिसके समाधान के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।