गाजा पट्टी में इजरायल और हमास के बीच चल रहे संघर्ष विराम के दौरान बंधकों की रिहाई को लेकर तनाव


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-02-14 05:01:27



गाजा पट्टी में बंधकों की रिहाई पर संकट: नेतन्याहू और ट्रंप की कड़ी चेतावनी

गाजा पट्टी में इजरायल और हमास के बीच चल रहे संघर्ष विराम के दौरान बंधकों की रिहाई को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। हमास द्वारा बंधकों की रिहाई स्थगित करने के फैसले के बाद, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी दी है।

हमास का बंधकों की रिहाई स्थगित करना:

हमास के सैन्य विंग के प्रवक्ता अबू ओबेदा ने सोमवार को घोषणा की कि इजरायल द्वारा संघर्ष विराम समझौते की शर्तों का पालन न करने के कारण, बंधकों की रिहाई को अगली सूचना तक स्थगित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायली रक्षा बल गाजा में मानवीय सहायता के प्रवाह में बाधा डाल रहे हैं और फिलिस्तीनियों को निशाना बना रहे हैं। 

नेतन्याहू की चेतावनी:

इस घोषणा के बाद, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी सुरक्षा कैबिनेट के साथ चार घंटे लंबी बैठक की। बैठक के बाद, उन्होंने कहा कि यदि हमास शनिवार तक बंधकों को रिहा नहीं करता है, तो इजरायली सेना गाजा पट्टी में फिर से लड़ाई शुरू कर देगी। नेतन्याहू ने सेना को गाजा पट्टी के अंदर और आसपास के क्षेत्रों में सैनिकों की तैनाती बढ़ाने का आदेश भी दिया है। 

ट्रंप की कड़ी प्रतिक्रिया:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हमास को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शनिवार तक सभी बंधकों को रिहा नहीं किया जाता है, तो संघर्ष विराम समझौते को रद्द कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि दोपहर 12 बजे तक बंधकों को रिहा नहीं किया जाता, तो गाजा पट्टी को "नरक" बना दिया जाएगा। 

हमास की प्रतिक्रिया:

हमास ने ट्रंप की धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धमकी का कोई मतलब नहीं है और इससे मामला और मुश्किल हो जाएगा। हमास के एक वरिष्ठ नेता अबू जुहरी ने कहा कि ट्रंप को इस डील का सम्मान करना चाहिए और बंधकों की वापसी का यही एकमात्र तरीका है। 

गाजा पट्टी में बंधकों की रिहाई को लेकर बढ़ता तनाव संघर्ष विराम समझौते के भविष्य पर सवाल खड़े कर रहा है। नेतन्याहू और ट्रंप की कड़ी चेतावनियों के बाद, क्षेत्र में फिर से हिंसा भड़कने की आशंका बढ़ गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रहेगी।


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