हिमाचल प्रदेश में 15 साल पुराने वाहनों के लिए स्क्रैपिंग सेंटर की शुरुआत: सोलन और हमीरपुर में नई सुविधा
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-13 10:02:24

हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, राज्य सरकार ने 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस पहल के तहत, सोलन और हमीरपुर जिलों में पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो अब पूरी तरह से क्रियाशील हैं।
स्क्रैपिंग सेंटरों के प्रमाणपत्र जारी:
परिवहन विभाग के निदेशक डी.सी. नेगी ने जानकारी दी कि सोलन जिले के औद्योगिक क्षेत्र बनालगी में अमन साहनी द्वारा संचालित RVSF केंद्र और हमीरपुर जिले के नादौन तहसील के गौना करौर गांव में पूर्णिमा चौहान द्वारा संचालित केंद्र को प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। इन केंद्रों के क्रियाशील होने से अब वाहन मालिक अपने 15 साल पुराने सरकारी और निजी वाहनों को प्रदेश में ही स्क्रैप करवा सकेंगे।
स्क्रैपिंग के लाभ:
पहले, हिमाचल प्रदेश में पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए बाहरी राज्यों में भेजा जाता था, जिससे वाहन मालिकों को अधिक खर्च वहन करना पड़ता था। अब, राज्य में ही स्क्रैपिंग सुविधा उपलब्ध होने से न केवल समय और धन की बचत होगी, बल्कि पुराने वाहनों के लिए बेहतर मूल्य भी प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त, स्वेच्छा से 15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप करवाने पर गैर-परिवहन वाहनों के टोकन टैक्स में 25% और परिवहन वाहनों के लिए 15% की एकमुश्त छूट प्रदान की जाएगी।
सरकारी वाहनों के लिए नियम:
1 अप्रैल 2023 से, 15 वर्ष पूरे कर चुके सरकारी वाहनों का पंजीकरण प्रमाणपत्र स्वतः रद्द माना जाएगा। अब तक, प्रदेश में 15 साल पुराने कुल 763 वाहनों को स्क्रैप किया जा चुका है, जिसमें 363 सरकारी और 400 निजी वाहन शामिल हैं।
भविष्य की योजना:
राज्य सरकार की योजना है कि हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों में पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएं। पहले चरण में सोलन और हमीरपुर में ये केंद्र स्थापित किए गए हैं, और आने वाले समय में अन्य जिलों में भी ऐसे केंद्र खोले जाएंगे।
निजी वाहन मालिकों के लिए प्रोत्साहन:
निजी वाहन मालिकों के लिए स्क्रैपिंग अनिवार्य नहीं है, लेकिन यदि वे स्वेच्छा से अपने 15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप करवाते हैं, तो उन्हें नए वाहन की खरीद पर टोकन टैक्स में उपरोक्त छूट मिलेगी। वाहन के स्क्रैप होने पर मालिक को स्क्रैप केंद्र की ओर से सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (सीओडी) जारी किया जाएगा, जिसे प्रस्तुत करने पर नई वाहन खरीद पर टैक्स में छूट का लाभ मिलेगा।
हिमाचल प्रदेश में सोलन और हमीरपुर में स्थापित नए वाहन स्क्रैपिंग केंद्र न केवल पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, बल्कि वाहन मालिकों के लिए भी लाभकारी साबित होंगे। इस पहल से सड़क सुरक्षा में सुधार, प्रदूषण में कमी और वाहन उद्योग के पुनर्विकास में मदद मिलेगी।