महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत और मिस्र के बीच तीसरे संस्करण का संयुक्त सैन्य अभ्यास साइक्लोन शुरू
2025-02-13 09:27:09

भारत-मिस्र संयुक्त सैन्य अभ्यास साइक्लोन: आतंकवाद विरोधी अभियानों में साझा रणनीतियों पर जोर
बीकानेर के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत और मिस्र के बीच तीसरे संस्करण का संयुक्त सैन्य अभ्यास साइक्लोन शुरू हो चुका है। 12 फरवरी से 23 फरवरी तक चलने वाले इस अभ्यास में दोनों देशों के विशेष बलों के जवान हिस्सा ले रहे हैं। यह अभ्यास न केवल सैन्य कौशल को साझा करने का माध्यम है, बल्कि वैश्विक शांति और सुरक्षा के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।
अभ्यास साइक्लोन का महत्व:
भारतीय सेना के प्रवक्ता अमिताभ शर्मा के अनुसार, साइक्लोन एक वार्षिक सैन्य अभ्यास है, जो बारी-बारी से भारत और मिस्र में आयोजित होता है। इस वर्ष का संस्करण भारत में आयोजित किया जा रहा है, जबकि पिछले वर्ष जनवरी 2024 में यह मिस्र में संपन्न हुआ था। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के सैन्य बलों के बीच अंतर-संचालन क्षमता (interoperability) को बढ़ाना और विशेष अभियानों की रणनीतियों का आदान-प्रदान करना है।
अभ्यास में भाग लेने वाले बल:
भारतीय दल में दो विशेष बल बटालियनों के 25 जवान शामिल हैं, जबकि मिस्र की ओर से विशेष बल समूह (Special Forces Group) और टास्क फोर्स (Task Force) के 25 जवान हिस्सा ले रहे हैं। दोनों दलों के सैनिक उच्च स्तर की शारीरिक फिटनेस, संयुक्त योजना निर्माण और सामरिक अभियानों में साझा कौशल पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
(आंखें न झुकी तेरी किसी गैर के आगे )
प्रमुख गतिविधियां और रणनीति:
अभ्यास के दौरान उन्नत विशेष बल कौशल, सामरिक तकनीक, और आधुनिक ऑपरेशनल दृष्टिकोण पर जोर दिया जाएगा। 48 घंटे लंबे समापन अभ्यास में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए सामरिक रणनीतियों का परीक्षण किया जाएगा, खासकर रेगिस्तानी और अर्ध-रेगिस्तानी इलाकों में संचालन के लिए। अभ्यास के दौरान स्वदेशी सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जिससे मिस्र की सेना को भारत की रक्षा उत्पादन क्षमताओं की जानकारी मिलेगी।
वैश्विक शांति और सुरक्षा में योगदान:
यह अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं को आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए तैयार रहने में मदद करेगा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करेगा। सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि इस अभ्यास से दोनों देशों के सैनिकों के बीच सौहार्द और मित्रता भी बढ़ेगी। अभ्यास 'साइक्लोन' वैश्विक सुरक्षा खतरों के प्रति सजगता और त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमताओं को भी बढ़ाएगा।
भारत और मिस्र के बीच यह संयुक्त सैन्य अभ्यास न केवल रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करता है, बल्कि दोनों देशों के सैन्य बलों को आधुनिक युद्ध कौशल में दक्ष बनाता है। यह अभ्यास वैश्विक शांति और आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलता है।