बीजापुर नक्सल मुठभेड़: शहीद जवानों को बस्तर आईजी और एसपी ने दी श्रद्धांजलि


  2025-02-11 18:56:51



 

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई बड़ी मुठभेड़ में 31 नक्सलियों को मार गिराया गया, जबकि इस दौरान दो बहादुर जवान शहीद हो गए। इस घटना के बाद रायपुर में बस्तर आईजी सुंदरराज, बीजापुर एसपी और अन्य पुलिस अधिकारियों ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। यह मुठभेड़ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है।

मुठभेड़ का विवरण:

बीजापुर जिले के इंद्रावती टाइगर रिजर्व के पास सुरक्षाबलों को नक्सलियों की बड़ी मौजूदगी की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने संयुक्त अभियान चलाया। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 31 नक्सलियों को ढेर कर दिया। हालांकि, इस संघर्ष में दो जवान – डीआरजी के हेड कांस्टेबल नरेश ध्रुव और एसटीएफ के कांस्टेबल वासित रावटे शहीद हो गए।

शहीद जवानों को श्रद्धांजलि:

रायपुर में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में बस्तर आईजी सुंदर राज पी., बीजापुर एसपी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दोनों शहीद जवानों को सम्मानित किया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम ने कहा, “हम यहां अपने सैनिकों को श्रद्धांजलि देने आए हैं। इन सैनिकों ने बहादुरी से इस ऑपरेशन में हिस्सा लिया और 31 नक्सलियों को मार गिराया। मुझे विश्वास है कि उनकी शहादत हमारे अन्य जवानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।”

मुठभेड़ में बरामद सामग्री:

इस ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की। इनमें एके-47, इंसास राइफल्स, एसएलआर, बीजीएल लॉन्चर, कारतूस, टिफिन बम, नक्सली दस्तावेज और दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल हैं। बरामद किए गए हथियारों से नक्सलियों की बड़ी साजिश का भी खुलासा हुआ है, जो सुरक्षाबलों के लिए भविष्य में खतरा बन सकती थी।

प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया:

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और उनकी बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार शहीदों के परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी। साथ ही, उन्होंने सुरक्षाबलों को बधाई दी कि उन्होंने राज्य में नक्सल गतिविधियों के खिलाफ यह बड़ी सफलता हासिल की है।

बीजापुर की इस मुठभेड़ ने यह साबित कर दिया है कि सुरक्षाबल नक्सलवाद के खिलाफ पूरी ताकत के साथ खड़े हैं। जहां एक ओर 31 नक्सलियों का सफाया एक बड़ी उपलब्धि है, वहीं दो जवानों की शहादत ने सभी के दिलों को गमगीन कर दिया है। इन बहादुर सैनिकों की शहादत न केवल उनके परिवारों के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है।


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