महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज को कैंसर वैक्सीन बनाने की अनुमति: देश का पहला मेडिकल कॉलेज बना
2025-02-11 13:38:41

कैंसर के उपचार में एक नई क्रांति की शुरुआत करते हुए, जयपुर स्थित महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी को भारत सरकार से कैंसर वैक्सीन बनाने की अनुमति मिल गई है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ, यह देश का पहला मेडिकल कॉलेज बन गया है जिसे डेंड्रिटिक सेल वैक्सीन के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई है।
डेंड्रिटिक सेल वैक्सीन:
महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज के संस्थापक डॉ. एम.एल. स्वर्णकार ने जानकारी दी कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने डेंड्रिटिक सेल वैक्सीन बनाने की प्रथम स्तर की अनुमति प्रदान की है। इस वैक्सीन से गॉल ब्लैडर, हेड एंड नेक, और ओवेरियन कैंसर के इलाज में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।
चौथी वर्ल्ड कांग्रेस ऑन ट्रांसलेशनल कैंसर रिसर्च एंड इम्यूनोथेरेपी (WCTCRI-2025):
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की घोषणा महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी में आयोजित चौथी वर्ल्ड कांग्रेस ऑन ट्रांसलेशनल कैंसर रिसर्च एंड इम्यूनोथेरेपी के दौरान की गई। इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर कैंसर इम्यूनोथेरेपी के निदेशक डॉ. अनिल सूरी के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में देश के 14 राज्यों से 22 प्रतिष्ठित संस्थानों के कैंसर शोधकर्ता और 9 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हुए।
कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण का महत्व:
डॉ. स्वर्णकार ने बताया कि तंबाकू, सिगरेट, शराब, रेडिएशन एक्सपोजर और कुछ वायरस कैंसर के प्रमुख कारण हैं। विशेष रूप से, ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) से सर्वाइकल कैंसर और हेपेटाइटिस ए व बी से लिवर कैंसर होने का खतरा रहता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों को हेपेटाइटिस और बच्चियों को एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवानी चाहिए, ताकि वे इस गंभीर बीमारी से बच सकें।
रिसर्च और अनुभवों का आदान-प्रदान:
कॉन्फ्रेंस के पहले दिन, प्रो. रॉबर्ट क्लार्क, डॉ. नीना भारद्वाज, डॉ. गोपाल सी. कुंडू, डॉ. लीना हिलाकिवी-क्लार्क, डॉ. माधुरी लोणिकर, डॉ. दिनेश यादव, डॉ. दमन सलूजा, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. संदीप सिंह, डॉ. शिखा ढल, डॉ. उमेश कुमार, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. अपर्णा गर्ग, डॉ. मधु चोपड़ा सहित कई अन्य विशेषज्ञों ने अपने कैंसर रिसर्च और अनुभव साझा किए। विशेष सत्र में डॉ. हेमंत मल्होत्रा, प्रो. वी.के. कपूर और प्रो. (डॉ.) दुर्गातोष पांडे ने कैंसर रिसर्च से जुड़े नए पहलुओं पर चर्चा की।
महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज की यह उपलब्धि कैंसर के उपचार में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में कैंसर मरीजों के लिए नई उम्मीदें जगाएगी। इस तरह के नवाचारों से चिकित्सा क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे और मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।