किसान के हाथों में राजनीतिक ताकत और आर्थिक योग्यता: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-02-10 10:19:13



 

चित्तौड़गढ़, 9 फरवरी 2025: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज चित्तौड़गढ़ में आयोजित अखिल मेवाड़ क्षेत्रीय जाट महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसान देश का अन्नदाता है और उसे किसी की मदद का मोहताज नहीं होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसान के सबल हाथों में राजनीतिक ताकत और आर्थिक योग्यता है, जो देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

किसानों से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान

उपराष्ट्रपति ने किसानों से आग्रह किया कि वे अपनी आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करें और कृषि उत्पादों के व्यापार से जुड़ें। उन्होंने कहा, "किसान को किसी की ओर नहीं देखना चाहिए, किसी की मदद का मोहताज किसान नहीं होना चाहिए, क्योंकि किसान के सबल हाथों में राजनीतिक ताकत है, आर्थिक योग्यता है।"

कृषि विज्ञान केंद्रों का लाभ उठाने की सलाह

किसानों को नई तकनीकों और सरकारी नीतियों की जानकारी प्राप्त करने के लिए उपराष्ट्रपति ने 730 से अधिक कृषि विज्ञान केंद्रों का लाभ उठाने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "किसान को मदद करने के लिए 730 से ज़्यादा कृषक विज्ञान केंद्र हैं। उनको अकेला मत छोड़िए, वहां पर जाइए और उनसे कहिए कि आप हमारी क्या सेवा करेंगे? नई तकनीकों का ज्ञान लीजिए, सरकारी नीतियों की जानकारी लीजिए।"

आरक्षण का लाभ प्राप्त करने वालों को समाज के प्रति कर्तव्य की याद दिलाई

उपराष्ट्रपति ने उन लोगों से, जिन्हें आरक्षण का लाभ मिला है, समाज के प्रयास और सहयोग को न भूलने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमने इस पवित्र भूमि, देवनगरी, मेवाड़ के हरिद्वार में संरचना की, कार्यसिद्धि मिली और आज उसके नतीजे देश और राज्य की प्रशासनिक सेवाओं में मिल रहे हैं। उसी आधार पर, उसी सामाजिक न्याय पर, उसी आरक्षण पर जिनको लाभ मिला है। आज वो सरकार में प्रमुख पदों पर हैं। उनको मेरा आग्रह रहेगा। पीछे मुड़कर जरूर देखें और कभी नहीं भूलें।"

कृषि उत्पादों के व्यापार में भागीदारी बढ़ाने पर जोर

उपराष्ट्रपति ने किसानों से कृषि उत्पादों के व्यापार और मूल्य संवर्धन में अपनी भागीदारी बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "किसान अपने उत्पाद की मूल्य वृद्धि क्यों नहीं कर रहा? अनेक व्यापार किसान के उत्पाद पर चालू हैं। आटा मिल, तेल मिल, अनगिनत हैं। अब मिलकर हमको करना चाहिए।"

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के वक्तव्य ने किसानों की आत्मनिर्भरता, कृषि विज्ञान केंद्रों के उपयोग, और कृषि उत्पादों के व्यापार में सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने आरक्षण का लाभ प्राप्त करने वालों को समाज के प्रति अपने कर्तव्यों की याद दिलाई, जिससे समाज में समग्र विकास और समृद्धि को बढ़ावा मिल सके।

किसान भाइयों से आग्रह है कि उपराष्ट्रपति के सुझावों का पालन करते हुए कृषि विज्ञान केंद्रों का लाभ उठाएं, कृषि उत्पादों के व्यापार में सक्रिय भागीदारी करें, और आत्मनिर्भर बनें। आपके विचार और अनुभव हमारे साथ साझा करें, ताकि हम मिलकर एक समृद्ध और सशक्त भारत का निर्माण कर सकें।


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