मुर्शिदाबाद में सात बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार: अवैध प्रवेश के आरोप में तीन भारतीय दलाल भी हिरासत में
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-09 16:51:48

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में जलंगी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए सात बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। साथ ही, इस अवैध घुसपैठ में सहायता करने वाले तीन भारतीय दलालों को भी हिरासत में लिया गया है।
घटना का विवरण
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये बांग्लादेशी नागरिक बिना वैध पासपोर्ट और वीजा के भारत-बांग्लादेश सीमा के बेनापोल बॉर्डर के माध्यम से देश में प्रवेश किए थे। गुप्त सूचना के आधार पर जलंगी पुलिस ने छापेमारी कर इन्हें गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि इन घुसपैठियों को भारतीय दलालों की मदद से सीमा पार कराया गया था।
भारतीय दलालों की भूमिका
इस अवैध गतिविधि में शामिल तीन भारतीय दलालों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन दलालों पर आरोप है कि उन्होंने बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराने में मदद की और इसके बदले में मोटी रकम वसूली। पुलिस अब इन दलालों से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन बांग्लादेशी नागरिकों का भारत में आने का उद्देश्य क्या था और क्या वे किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल थे। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध घुसपैठ के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।
सीमा सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना वैध दस्तावेजों के बांग्लादेशी नागरिकों का भारत में प्रवेश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है। इससे पहले भी मुर्शिदाबाद जिले में कई बार बांग्लादेशी घुसपैठियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जो सीमा सुरक्षा में खामियों की ओर इशारा करती है।
मुर्शिदाबाद में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर से सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के मुद्दे को उजागर किया है। आवश्यक है कि सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्कता बरतें और ऐसे अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं, ताकि देश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।