राजौरी के बधाल गांव में 17 रहस्यमयी मौतें: कीटनाशक दुकानों पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-02-08 07:51:36



 

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के बधाल गांव में हाल ही में हुई 17 रहस्यमयी मौतों ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। इन अप्रत्याशित घटनाओं के बाद प्रशासन ने त्वरित और सख्त कदम उठाते हुए कीटनाशक और उर्वरक दुकानों की जांच शुरू की है।

घटना का विवरण

7 दिसंबर 2024 से 19 जनवरी 2025 के बीच बधाल गांव में 17 लोगों की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई, जिनमें 13 बच्चे शामिल थे। इन मौतों ने गांव में भय और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, अधिकारियों ने गांव को नियंत्रण क्षेत्र घोषित कर दिया और मौतों की गहन जांच शुरू की। 

प्रशासन की कार्रवाई

मौतों के कारणों की जांच के लिए, प्रशासन ने जिले भर में कीटनाशक, पेस्टीसाइड और उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस अभियान के दौरान लगभग 250 दुकानों का निरीक्षण किया गया, जहां से नमूने एकत्र किए गए और दुकानों को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया। यह कदम संभावित रासायनिक संदूषण की जांच और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। 

विशेषज्ञ टीमों की जांच

मौतों के रहस्य को सुलझाने के लिए, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली की एक टीम ने गांव का दौरा किया। टीम ने स्थानीय निवासियों की जीवनशैली, खान-पान और अन्य कारकों की जांच की, साथ ही भोजन और अन्य पदार्थों के नमूने भी एकत्र किए। इसके अलावा, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) के विशेषज्ञों ने भी गांव का दौरा किया और अपनी जांच में संक्रामक रोगों की संभावना को खारिज किया, जिससे संभावित विषाक्तता की ओर ध्यान केंद्रित हुआ। 

स्थिति में सुधार

हाल के हफ्तों में, गांव में कोई नया मामला सामने नहीं आया है, जिससे स्थिति में सुधार के संकेत मिले हैं। सभी बीमार मरीज पूरी तरह ठीक हो गए हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। हालांकि, एहतियात के तौर पर, 300 से अधिक ग्रामीणों को राजौरी अस्पताल में क्वारंटीन में रखा गया है, जहां सख्त निगरानी और सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। 

बधाल गांव में हुई इन रहस्यमयी मौतों ने प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने एक बड़ी चुनौती पेश की है। प्रशासन द्वारा उठाए गए सख्त कदम और विशेषज्ञ टीमों की गहन जांच के बावजूद, मौतों के वास्तविक कारण का पता लगाना अभी बाकी है। स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठेगा और जीवन पूरी तरह से सामान्य हो जाएगा।


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