आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर की बलात्कार और हत्या: न्याय की उम्मीद और चुनौतियाँ
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-01-19 17:57:09

पिछले वर्ष अगस्त में आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के परिसर में एक जूनियर डॉक्टर के साथ हुए जघन्य बलात्कार और हत्या के मामले में आज कोलकाता की एक विशेष अदालत अपना फैसला सुनाने वाली है। इस निर्णय को लेकर पीड़िता के माता-पिता और नागरिक समाज में मिश्रित भावनाएँ हैं।
माता-पिता की आशंकाएँ: क्या न्याय अधूरा रहेगा?
पीड़िता के माता-पिता चिंतित हैं कि उनकी बेटी के लिए न्याय केवल मुख्य आरोपी संजय राय, जो कोलकाता पुलिस से जुड़े एक पूर्व सिविक वॉलंटियर हैं, की सजा तक सीमित न रह जाए। उनका मानना है कि इस मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ और उन्हें बदलने में शामिल अन्य साजिशकर्ता पर्दे के पीछे ही रह सकते हैं, जिससे न्याय अधूरा रहेगा।
नागरिक समाज की उम्मीदें: सबूतों के साथ छेड़छाड़ पर अदालत की टिप्पणी
नागरिक समाज के कई प्रतिनिधियों को उम्मीद है कि विशेष अदालत मुख्य आरोपी को सजा सुनाते समय सबूतों के साथ छेड़छाड़ और उन्हें बदलने के मुद्दे पर भी टिप्पणी करेगी। यह संभावित रूप से इस दिशा में नई जांच का मार्ग प्रशस्त कर सकता है और मामले की गहराई से पड़ताल हो सकेगी।
सीबीआई की भूमिका पर सवाल: अदृश्य हाथों का प्रभाव?
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में केवल एक चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें संजय राय को एकमात्र मुख्य आरोपी बताया गया है। पीड़िता के माता-पिता और नागरिक समाज के एक वर्ग का आरोप है कि सीबीआई पर कुछ 'अदृश्य हाथों' का प्रभाव है, जो जांच की दिशा को प्रभावित कर रहे हैं।
पूर्व प्रिंसिपल और थाना प्रभारी की भूमिका: सबूतों के साथ छेड़छाड़ के आरोप
सीबीआई ने आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और ताला पुलिस स्टेशन के पूर्व एसएचओ अभिजीत मोंडल को सबूतों के साथ छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया था। हालांकि, 90 दिनों के भीतर उनके खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल न करने के कारण विशेष अदालत ने उन्हें 'डिफॉल्ट बेल' दे दी। इससे सीबीआई की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं।
आज का फैसला न्याय की दिशा तय करेगा
आज दोपहर विशेष अदालत का फैसला इस मामले में न्याय की दिशा को निर्धारित करेगा। यह देखा जाएगा कि क्या अदालत सबूतों के साथ छेड़छाड़ के मुद्दे पर कोई टिप्पणी करती है, जिससे आगे की जांच का मार्ग प्रशस्त हो सके।