पोंगल उत्सव के दौरान तंजावुर के बृहदेश्वर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-01-16 08:29:41

तमिलनाडु के तंजावुर स्थित बृहदेश्वर मंदिर में पोंगल की छुट्टियों के दौरान हजारों भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन के लिए लंबी कतारों में प्रतीक्षा की।
बृहदेश्वर मंदिर: एक ऐतिहासिक धरोहर
बृहदेश्वर मंदिर, जिसे 'बिग टेम्पल' के नाम से भी जाना जाता है, तंजावुर में स्थित एक प्राचीन हिंदू मंदिर है। यह मंदिर 11वीं शताब्दी में चोल सम्राट राजा राजा चोल प्रथम द्वारा बनवाया गया था और यह भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर अपनी विशाल वास्तुकला, भव्य गोपुरम और उत्कृष्ट नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है। यह यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में शामिल है और भारतीय स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।
पोंगल उत्सव: तंजावुर में विशेष आयोजन
पोंगल तमिलनाडु का प्रमुख फसल उत्सव है, जो जनवरी माह में मनाया जाता है। यह चार दिवसीय उत्सव सूर्य देवता को समर्पित होता है, जिसमें लोग नई फसल की खुशी मनाते हैं और भगवान को धन्यवाद देते हैं। तंजावुर में पोंगल के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना, रंगोली सजावट, पारंपरिक नृत्य और संगीत कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो इस सांस्कृतिक धरोहर को और भी समृद्ध बनाते हैं।
भक्तों की भीड़: लंबी कतारों में दर्शन की प्रतीक्षा
पोंगल की छुट्टियों के दौरान बृहदेश्वर मंदिर में हजारों भक्त भगवान शिव के दर्शन के लिए उमड़े। मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए थे, फिर भी लंबी कतारों में प्रतीक्षा करना पड़ा। भक्तों ने बताया कि दर्शन के लिए उन्हें कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन भगवान के प्रति उनकी आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई।
मंदिर प्रशासन की तैयारियां: भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उपाय
मंदिर प्रशासन ने पोंगल उत्सव के दौरान भक्तों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए थे। सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष बैरिकेड्स लगाए गए थे। साथ ही, भक्तों की सुविधा के लिए पेयजल और चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था भी की गई थी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
स्थानीय व्यापारियों की चांदी: उत्सव के दौरान बढ़ी बिक्री
पोंगल उत्सव के दौरान तंजावुर में स्थानीय व्यापारियों की बिक्री में भी वृद्धि देखी गई। मंदिर के आसपास स्थित दुकानों में प्रसाद, फूल, पूजा सामग्री और स्मृति चिन्हों की खरीदारी के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। इसके अलावा, स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल्स पर भी लोगों की खासी भीड़ देखी गई, जिससे व्यापारियों की आमदनी में इजाफा हुआ।
पर्यटकों का आकर्षण: सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव
पोंगल उत्सव के दौरान न केवल स्थानीय भक्त, बल्कि देश-विदेश से आए पर्यटकों ने भी बृहदेश्वर मंदिर का दौरा किया। मंदिर की भव्यता, पोंगल की रंगीन उत्सवधर्मिता और तंजावुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कई पर्यटकों ने इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया और तमिलनाडु की परंपराओं को करीब से अनुभव किया।
भविष्य की चुनौतियां: भीड़ प्रबंधन और सुविधाओं का विस्तार
पोंगल जैसे बड़े उत्सवों के दौरान बृहदेश्वर मंदिर में भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, भविष्य में मंदिर प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन और सुविधाओं के विस्तार की चुनौतियां होंगी। सुरक्षा उपायों को और सुदृढ़ करना, भक्तों के लिए सुविधाजनक दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करना और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना आवश्यक होगा, ताकि भक्तों का अनुभव सुखद और सुरक्षित हो सके।
इस प्रकार, पोंगल उत्सव के दौरान तंजावुर के बृहदेश्वर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ ने एक बार फिर इस ऐतिहासिक धरोहर की महत्ता और लोगों की आस्था को प्रदर्शित किया। मंदिर प्रशासन और स्थानीय समुदाय के संयुक्त प्रयासों से उत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिससे तंजावुर की सांस्कृतिक विरासत को और मजबूती मिली।