परियोजना निदेशक डॉ डिग्रवाल ने की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा, ओडीके एप में प्रतिदिन रिपोर्टिंग के दिए निर्देश


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-01-02 18:53:17



 

बीकानेर, 2 जनवरी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के राज्य परियोजना निदेशक डॉ मुकेश डिग्रवाल की अध्यक्षता में स्वास्थ्य भवन सभागार बीकानेर में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने आरबीएसके तथा डीईआईसी केंद्र की वार्षिक गतिविधियों की जिला स्तरीय कार्य योजना पर चर्चा की। उन्होंने सभी 12 आरबीएसके दलों को माइक्रोप्लान के अनुसार संस्थानों की विजिट करने को कहा और माइक्रोप्लान को जिला स्तर से अनुमोदित करवाने के निर्देश दिए। डॉ डिग्रवाल ने किए जा रहे भ्रमण की राज्य स्तर से उपलब्ध करवाए गए ओडीके एप में प्रतिदिन इंद्राज करने के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त निदेशक बीकानेर जोन डॉ देवेंद्र चौधरी ने जिले की सभी आरबीएसके टीमों द्वारा प्रतिदिन किए जा रहे स्क्रीनिंग कार्य, रेफरल तथा सर्जरी की समीक्षा कर उपलब्धि बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने टीमों द्वारा किए गए जा रहे कार्यों की सतत मॉनिटरिंग जिला व ब्लॉक से करवाने के निर्देश भी दिए। बैठक के दौरान पीडी डॉ डिग्रवाल ने आर. बी. एस. के. दलों को प्रतिदिन औसतन 120 बच्चों की गुणवत्तापूर्ण स्क्रीनिंग करने, रेफर बच्चों का सही समय पर उपचार करवाने, टारगेट शिक्षण संस्थानों में सही समय पर स्क्रीनिंग का कार्य पूरा करने, डिलीवरी पॉइंट पर जाकर जन्मजात विकृति वाले बच्चों के निदान एवं उपचार पर विशेष ध्यान देने तथा ⁠प्रत्येक आंगनवाड़ी पर प्रत्येक बच्चे की स्क्रीनिंग के निर्देश दिए। बैठक में सीएमएचओ डॉ राजेश कुमार गुप्ता ने बीकानेर जिले की आरबीएसके टीमों द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष में किए गए स्क्रीनिंग कार्य, रेफरल तथा सर्जरी से संबंधित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी एवं आरसीएचओ डॉ मुकेश जनागल, डिप्टी सीएमएचओ स्वास्थ्य डॉ लोकेश गुप्ता, डीईआईसी मैनेजर योगेश पंवार, डॉ विवेक गोस्वामी, डॉ उमाशंकर यादव एवं आरबीएसके की समस्त टीम के सदस्य उपस्थित रहे।

डॉ जनागल ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के प्रत्येक ब्लॉक में दो स्वास्थ्य दल तैनात किए जाते हैं। वर्तमान में जिले में 12 दल कार्यरत है। प्रत्येक दल में आयुष चिकित्सक, एएनएम तथा फार्मासिस्ट मौजूद रहते हैं जो प्रतिदिन विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा मदरसों में जाकर बच्चों की 9 जन्मजात रोगों सहित कुल 40 बीमारियों को लेकर स्क्रीनिंग का कार्य करते हैं। इनमें से चयनित बीमार बच्चों की उच्चतर चिकित्सा संस्थानों पर जांच तथा निशुल्क सर्जरी भी करवाई जाती है।


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