भारत शरण महाराज ने कहा कि जो मनुष्य शिव भक्ति में स्वयं को अर्पित कर देता है। वह जन्म मरण के बंधनों से मुक्त हो जाता है


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-01-01 19:36:19



बीकानेर। श्री राम कथा समिति के तत्वाधान में सीताराम भवन में चल रही 9 दिवसीय शिव पुराण कथा के तीसरे दिन वृन्दावन से आएं भारत शरण महाराज ने कहा कि जो मनुष्य शिव भक्ति में स्वयं को अर्पित कर देता है। वह जन्म मरण के बंधनों से मुक्त हो जाता है। उन्होंने महादेव की भक्ति और उन्हें प्रसन्न करने के उपाय भी बताएं। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि भक्त की भक्ति से जल्द प्रसन्न होने वाले देवताओं में शिव ही है और शिव ही कल्याण करते हैं। शिव की भक्ति कर इस संसार रूपी भवसागर को पार कर अपने जीवन को सार्थक बनाएं। कथा के दौरान श्रद्धालु नाचते झूमते भक्ति में चूर नजर आए। कथा के अंत में श्रद्धालुओं ने महा आरती की और फिर प्रसाद वितरण कि या।भोले की भक्ति में शक्ति होती है। भगवान भोलेनाथ कभी भी किसी भी मनुष्य की जिंदगी का पासा पलट सकते हैं। बस भक्तों को भगवान भोलेनाथ पर विश्वास करना चाहिए और उनकी प्रतिदिन आराधना करनी चाहिए।महाराज श्री ने कहा कि इंसान क भी भी खराब नहीं होता उसका समय खराब होता है इसलिए समय को समझें और ऐसे समय को निकलने दें। यह एक समय चक्र होता है, जो हर इंसान की जिंदगी में आता है इसलिए ऐसे खराब समय में विवेक से कार्य करें।उन्होंने बताया कि हमेशा जो भी निर्णय लें,वो सोच समझ कर लें,कोई भी कार्य बिना सोचे समझे नहीं करें और ना ही जल्दबाजी में कोई निर्णय लें।उन्होंने कहा कि माता-पिता का सम्मान व गुरूओं के आदर से ही हम जीवन में बेहतर मनुष्य साबित हो सकते हैं।इस संसार में कौन सुखी है,सभी दुखी है। किसी को शरीर का दुख,किसी का तन,मन और धन का दुख है इसलिए सभी दुखी है। उन्होंने श्रोताओं से कहा कि उनसे ज्यादा दुखी तो बड़े-बड़े महाराज है। उनके दुख को कोई दूर नहीं कर सकता है। अपने दुख को काटना है तो स्वयं को प्रयास करना पड़ेगा और महादेव को जल और बिल्व पत्र चढ़ाने से सब दुख दूर हो जायेंगे। कथा से पहले जयपुर निवासी कन्हैयालाल व सूरत निवासी संजय मून्दड़ा ने सपत्नीक पोथी पूजन किया। इस मौके नारायण डागा,नारायण मीमानी,पवन राठी,कृष्ण कुमार राठी,अरूण राठी,शारदा देवी,भावना,भंवर उपाध्याय,राम स्वरूप सहित बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।


global news ADglobal news AD