जमाना कर ना सका उसकें कद का अंदाजा  वो आसमान था मगर सर झुका के चलता था


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-12-27 17:28:00



 

: पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन की खबर से दुख हुआ। उन्होंने अपने विद्वत्तापूर्ण नेतृत्व से देश की सेवा की और भारतीय राजनीति में सादगी और गरिमा का उदाहरण प्रस्तुत किया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति  प्रदान करें 

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी का निधन देश के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। डॉ साहब सरल, सौम्य एवं ईमानदार के धनी थे। भारत के आर्थिक विकास, अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ता एवं दुनिया में भारत को आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने में मनमोहन सिंह जी का बहुत बड़ा योगदान है। वित्त मंत्री के रूप में भारत को नई दिशा देने वाला आर्थिक उदारीकरण जैसा बड़ा कदम उठाया। 

एक सामान्य पृष्ठभूमि से निकलकर अर्थशास्त्री, रिजर्व बैंक के गवर्नर, वित्त मंत्री, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं प्रधानमंत्री तक का आपका सफर सभी के लिए प्रेरणादायक है। आपको हमेशा याद किया जाएगा डॉ मनमोहन सिंह जी। जब आप अर्थशास्त्री के रूप में पंजाब यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिस्ट के हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट थे तब आप हमारा वाइवा लेने बीकानेर आए थे तब हम डूंगर कालेज में एम. ए अर्थशास्त्र फाइनल के छात्र थे आपने मेरा एक घंटे तक इंटरव्यू लिया। मैं काफ़ी नर्वस हो रहा था लेकिन बिशन सिन्हा साहब ने मेरा हौंसला बढ़ाया। कहा कि तुम्हारा वाइवा बहुत बढ़िया रहा और मनमोहन सिंह जी ने मुझे सर्वाधिक नम्बर दिए और मैं राजस्थान में एम ए अर्थशास्त्र में तीसरे नम्बर पर रहा। आपको कैसे भुलाया जा सकता है।आपके आशीर्वाद से ही आज हम अपने स्थान तक पहुँचे है आप भुलाए नहीं भूलेंगे। आपको हमारा शत शत नमन। —— मनोहर चावला


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