समृद्ध भारत अभियान के तहत् मंथन-विचार- संवाद 2024 21, 22 दिसंबर को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-12-22 17:52:30



प्रेसविगप्ति :- *भरतपुर। समृद्ध भारत अभियान के तहत् मंथन-विचार- संवाद 2024 21, 22 दिसंबर को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केन्द्र भरतपुर में संपन्न हुई इस दो दिवसीय कार्यशाला में देश के विभिन्न भागों से अलग अलग विषय के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, चिंतक एव भाग लिया कार्यशाला का उद्घाटन में पधारे सभी अतिथियों को तिलक लगाकर और सभी अतिथियों को साफा पहनाकर का सम्मान किया तत्पश्चात मां सरस्वती के चित्र पर माला पहनाकर फिर दीप प्रज्वलित कर कार्यकर्म की शुरुआत की पहले दिन उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय रबर बोर्ड के चेयरमैन डॉ सावर धनानिया, विशिष्ठ अतिथि के रूप में भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी वेद प्रकाश एवं नरेन्द्र सिंह परमार उपस्थित थे। अध्यक्षता समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने की। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय रबर बोर्ड के चेयरमैन डॉ सावर धनानिया ने कहा कि खेती मे निरंतर रासायनिक खादों व कीटनाशकों का उपयोग करने से कृषि उत्पाद इतने जहरीले हो गये है कि इनके सेवन ने मानव शरीर पर अनेक प्रतिकूल प्रभाव दिखाई देने लगे है। विशेष रूप से कैंसर जैसी लाइलाज बीमारी का कारण भी रासायनिक खेती के उत्पादों को माना गया है। उन्होने कहा कि हमें हमारी पुरातनी कृषि पद्धति अपनाने पर जोर दिया जिसके लिए हमें सभी संस्थाओं को साथ मिलकर किसानों को इनके लाभकारी मूल्यों को समझाना होगा। विशिष्ठ अतिथि एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी नरेन्द्र सिंह परमार ने कहा कि गौ संरक्षण के लिए सरकार को नीतिगत परिवर्तन लाने होंगे। सरकार ने खेती में ट्रैक्टर को बढ़ावा देकर बैलों को समाप्त कर दिया। बाद में विदेशी नस्ल की गायें लाकर देशी गौवंश को नाकारा साबित कर दिया, जबकि गाय का देशी का दूध अन्य दुग्ध उत्पादक पशुओं के दूध से अधिक गुणकारी माना गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी वेद प्रकाश ने कहा है कि हमें अपनी संस्कृति को संरक्षित करने के लिए लोक कल्याण की भावना से कार्य करना होगा। कार्यशाला में ग्वालियर के संत स्वामी ऋषभ देवानंद ने कहा कि कुछ विदेशी कंपनियां भारतीय संस्कृति एवं पारंपरिक उत्पादों को नष्ट कर रही है। जो हम सब भारतीयों के लिए सबसे अधिक खतरनाक साबित हो रही है। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए समृद्ध भारत अभियान के निदेशक ने कहा कि समावेशी ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्थाओं का एक राष्ट्रीय स्तर पर संगठन का गठन होना चाहिए और यह संगठन सरकार पर ग्राम उपयोगी नीतियां बनाने के लिए दबाव बनाये। इस अवसर पर बीकानेर के गोप्रेमी msme प्रेम प्रकाश खत्री ने अपने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया की आज की आधुनिक साइंस और प्राचीन पशुपालन पद्धति जो पशु पालकों के रसोई घर पर उपलब्ध साधनों के उपयोग करते हुऐ पशुपालकों की 20%से 60% तक अतिरिक्त आय बढ़ाने सफल हुए है सर्वोदय फाउंडेशन की अंशु गुप्ता, जीव जंतु कल्याण बोर्ड के सदस्य जब्बर सिंह, नोएडा के सत्येन्द्र सिंह, गुजरात के विमल पटेल, पाना के कमल सिंह, इंदौर की रीना भारतीय, भारत भूषण, जालोर के ईश्वर सिंह, ग्वालियर के डॉ अंकित अग्रवाल, संजीव गोयल, आगरा के मोहम्मद हबीब, सहित अन्य विषय विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किये। कार्यशाला में सरसों अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर संस्थान निर्देशक डॉ. पीके राय का सम्मान किया गया। कार्यशाला का संचालन जीव जंतु कल्याण बोर्ड कि सदस्या मोनिका अरोरा एवं भारत भूषण ने किया।*


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