जीतो भीलवाड़ा लेडीज विंग ने ग्राफिक डिजाइनिंग और डिजिटल ट्रेंड्स पर आयोजित की विशेष कार्यशाला
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2024-12-18 19:48:19

जीतो भीलवाड़ा लेडीज विंग द्वारा स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम 'सक्षम' के तहत आईएमएडी संस्थान में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में ग्राफिक डिजाइनिंग और डिजिटल ट्रेंड्स पर गहन जानकारी दी गई।
कार्यशाला की अध्यक्षता और मुख्य वक्ता
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता चेयरपर्सन नीता बाबेल ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में रचना मेहता ने कैनवा और अन्य एआई टूल्स के उपयोग पर रोचक सत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने इन टूल्स का उपयोग बर्थडे और एनीवर्सरी के संदेशों को कार्ड के रूप में डिज़ाइन करने और कम समय में अधिक कार्य संपन्न करने जैसे व्यावहारिक उदाहरणों से समझाया।
कार्यक्रम की मुख्य बातें: डिजिटल युग के टूल्स का महत्व
आईएमएडी इंस्टीट्यूट के निदेशक गौतम मेहता ने प्रतिभागियों को डिजिटल स्किल्स की आवश्यकता और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आधुनिक समय में डिज़िटल और ग्राफिक टूल्स न केवल व्यक्तिगत जीवन को सरल बनाते हैं, बल्कि प्रोफेशनल कार्यक्षमता भी बढ़ाते हैं।
कार्यशाला का आयोजन और सहयोग
इस कार्यशाला की कन्वेनर रचना मेहता और शोभिका खजांची थीं, जिन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम में वाइस चेयरपर्सन जयवंती अजमेरा और सेक्रेट्री अमिता बाबेल ने भी अपना योगदान दिया।
प्रतिभागियों की भागीदारी और अनुभव
इस कार्यशाला में 30 महिलाओं और प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें गौरी बाबेल, वनिता बाबेल, मधु लोढ़ा, प्रमिला गोखरू, अनुराधा चौधरी, लाड मेहता, सुनीता पीपाड़ा, रीना सिसोदिया, स्वीटी नैनावटी, चांदनी रांका, रजनी डोसी, सोनल मेहता, मधु मेडतवाल, और आस्था बापना शामिल थीं। सभी ने ग्राफिक डिजाइनिंग की नई तकनीकों का लाभ उठाया और डिजिटल स्किल्स में रुचि बढ़ाई।
कार्यक्रम का समापन और आभार
कार्यशाला का समापन मुख्य सचिव अर्चना पाटोदी के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। उन्होंने प्रतिभागियों और आयोजकों को इस पहल को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया।
महिलाओं के डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में नया कदम
जीतो भीलवाड़ा लेडीज विंग की यह पहल महिलाओं को डिजिटल स्किल्स से लैस कर उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी महिलाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होंगे।
रिपोर्ट - पंकज पोरवाल, भीलवाड़ा