नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार: सुकमा में 25 लाख के इनामी पांच कुख्यात नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-12-17 07:18:15



 

रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नक्सलवाद पर दिए गए बयान के बीच सुकमा से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां पांच कुख्यात नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। ये नक्सली लंबे समय से सुरक्षा बलों के निशाने पर थे और इन पर कुल 25 लाख रुपये का इनाम था।

आत्मसमर्पण का विवरण: कौन हैं ये नक्सली?

सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने पुष्टि की कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में एक दंपति भी शामिल है। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सली पुनर्वास नीति के तहत लाभ मिलेगा। इन्हें 25,000 रुपये का तत्काल प्रोत्साहन दिया जाएगा।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की सूची:

धन्नी उर्फ कालामू जोगी (20 वर्ष): बटालियन नंबर 1 का सदस्य, इनाम: ₹8 लाख

अन्वेष उर्फ आकाश उर्फ वेट्टी भीमा (26 वर्ष): कंपनी नंबर 10 का सदस्य, इनाम: ₹8 लाख

मौसम महेश (35 वर्ष): इनाम: ₹5 लाख, 

हेमला मुन्नी (33 वर्ष): इनाम: ₹2 लाख

मदवी पोज्जे (33 वर्ष): इनाम: ₹2 लाख

नक्सल पुनर्वास नीति का असर: आत्मसमर्पण का मुख्य कारण

एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि "नियाद नेल्लनार पुनर्वास नीति और छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है।" पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सुरक्षा, रोजगार, और समाज में फिर से बसाने के लिए सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।

नक्सल विरोधी अभियान में तेज़ी

सुकमा और बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ दबाव बढ़ा दिया है। शनिवार को सुकमा में सात और नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया था, वहीं बीजापुर में एक कुख्यात नक्सली को पकड़ा गया।

सुरक्षा बलों की रणनीति:

आधुनिक तकनीक का उपयोग: सुरक्षा बल अब ड्रोन और जीपीएस तकनीक का इस्तेमाल कर नक्सलियों के मूवमेंट पर नज़र रख रहे हैं।

स्थानीय लोगों का सहयोग: पुलिस और प्रशासन द्वारा स्थानीय ग्रामीणों को साथ लेकर नक्सलियों पर दबाव बनाया जा रहा है।

सुधारात्मक योजनाएं: पुनर्वास और रोजगार योजनाओं के तहत आत्मसमर्पण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार की कोशिशें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में दिए अपने बयान में कहा कि "नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है।" केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार मिलकर इस समस्या का समाधान करने के लिए कटिबद्ध हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: बस्तर क्षेत्र में सड़क, बिजली और शिक्षा जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सुरक्षा बलों की तैनाती: सीआरपीएफ, डीआरजी और कोबरा बटालियन को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है।

नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कदम

सुकमा में आत्मसमर्पण और गिरफ्तारियां नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़ी सफलता है। यह दिखाता है कि सरकार की पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों की रणनीति सही दिशा में है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सरकार के प्रयास महत्वपूर्ण हैं।


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