66 लाख रुपये मूल्य की तस्करी की गई प्रतिबंधित सिगरेट की बड़ी बरामदगी: चार आरोपी गिरफ्तार
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2024-12-16 14:48:51

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 66 लाख रुपये मूल्य की 6,50,800 प्रतिबंधित अंतरराष्ट्रीय सिगरेट की तस्करी का पर्दाफाश किया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य आरोपी और उनके तीन सहयोगी शामिल हैं।
गुवाहाटी से दिल्ली तक की तस्करी की साजिश
पुलिस जांच में पता चला है कि ये सिगरेट गुवाहाटी से तस्करी के माध्यम से दिल्ली लाई गई थीं। तस्करी के इस नेटवर्क में कई लोग शामिल थे, जो सिगरेट की आपूर्ति दिल्ली के विभिन्न दुकानों तक करते थे। यह तस्करी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है।
सीओटीपीए अधिनियम के तहत मामला दर्ज
इस तस्करी के खिलाफ सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का निषेध और व्यापार एवं वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति तथा वितरण का विनियमन) अधिनियम (COTPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध, तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक, नाबालिगों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पाबंदी और शैक्षिक संस्थानों के पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध जैसे प्रावधान हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ
गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी और उनके तीन सहयोगी शामिल हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी को दिल्ली में गिरफ्तार किया, जबकि उनके सहयोगियों को विभिन्न स्थानों से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद, आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि तस्करी के नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता चल सके और इस अवैध गतिविधि को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके।
पुलिस की सतर्कता और कार्रवाई की सराहना
इस बड़ी तस्करी की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की सराहना की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस तरह की अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रखेंगी।
यह घटना दिल्ली में तंबाकू उत्पादों की तस्करी और उनके अवैध वितरण के खिलाफ पुलिस की सतर्कता और प्रभावी कार्रवाई का उदाहरण है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि तस्करी के माध्यम से अवैध तंबाकू उत्पादों की आपूर्ति न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। इसलिए, ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई और जागरूकता आवश्यक है।