हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ संत समाज की हुंकार, सरकार इजाजत दे तो हम करेंगे आक्रमण


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-12-16 06:40:26



 

सिरोही के रामझरोखा मंदिर प्रांगण में रविवार को एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला, जब जिले के सैकड़ों साधु-संतों ने बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं पर अत्याचारों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। श्री आबूराज संत सेवा मंडल के नेतृत्व में साधु-संतों ने घंटे-घड़ियाल बजाते हुए रैली निकाली और जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में संत समाज की मांगें

संतों ने अपने ज्ञापन में भारत सरकार से मांग की कि वह बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाए और वहां शांति स्थापित करे। संतों ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे बांग्लादेश पर आक्रमण करने के लिए तैयार हैं। संतों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि शेख हसीना की सरकार के सत्ता में आने के बाद से बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसात्मक हमले बढ़ गए हैं।

धार्मिक स्थलों को तोड़ा जा रहा है।

निर्दोष हिंदुओं को गिरफ्तार किया जा रहा है।

उन्हें अपने व्यवसाय और नौकरियां छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है।

संतों की चेतावनी: आत्मिक बलिदान के लिए तैयार

श्री आबूराज संत सेवा मंडल के अध्यक्ष महंत लेहर भारती महाराज ने कहा कि संत समाज आत्मिक बलिदान के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने बताया कि संतों ने इतिहास में हमेशा धर्म और सत्य की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर किए हैं।

महंत ने भारत सरकार के प्रयासों को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि विश्व समुदाय और भारत को इन घटनाओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि बांग्लादेश सरकार हिंसा रोकने में असफल रहती है, तो संत समाज के पास संघर्ष का ही विकल्प बचता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार से कुछ नहीं हो रहा तो हमें अनुमति दे हम आक्रमण करेंगे। 

बांग्लादेश में हिंदुओं की दुर्दशा पर चिंता

संत समाज ने बांग्लादेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वहां अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से हिंसा की जा रही है।

हिंदुओं को धार्मिक स्थलों पर हमले का सामना करना पड़ रहा है।

इस्कॉन के मुख्य पुजारी चिन्मयदास कृष्ण दास प्रभुजी जैसे धार्मिक नेताओं को गिरफ्तार किया गया है।

व्यवसाय और संपत्ति छीनकर हिंदुओं को पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है।

संतों ने मांग की कि इस्कॉन के पुजारी को तुरंत रिहा किया जाए और हिंदुओं को सुरक्षा प्रदान की जाए।

भारत सरकार और वैश्विक समुदाय से अपील

संतों ने भारत सरकार से बांग्लादेश के घटनाक्रम पर गंभीर रुख अपनाने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक मानवाधिकार संगठनों ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि इस मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो संत समाज विश्व स्तर पर जागरूकता फैलाने के लिए अभियान शुरू करेगा।

संत समाज का दृढ़ संकल्प

संत समाज का यह प्रदर्शन बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं पर अत्याचारों के खिलाफ उनकी गहरी पीड़ा और विरोध को दर्शाता है। संतों ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।


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