जिला अस्पताल की ऐतिहासिक उपलब्धि: एक किलो वजनी नवजात का सफल इलाज, निशुल्क उपचार ने रचा कीर्तिमान


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-12-14 16:24:57



 

बीकानेर के जस्सूसर गेट स्थित एसडीएम राजकीय जिला अस्पताल ने चिकित्सा क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अस्पताल में पहली बार मात्र 1 किलो वजनी नवजात शिशु का सफल उपचार किया गया। यह नवजात, जो कई गंभीर जटिलताओं से जूझ रहा था, अब स्वस्थ है और 1.5 किलोग्राम वजन के साथ आज डिस्चार्ज किया गया।

जन्म के बाद नवजात की स्थिति गंभीर

एसएनसीयू प्रभारी डॉ. प्रवीण चतुर्वेदी ने बताया कि 3 नवंबर 2024 को अस्पताल के लेबर रूम में इस नवजात का जन्म हुआ था। जन्म के समय नवजात का वजन केवल 1 किलोग्राम था और उसे श्वसन तंत्र की दिक्कतों और सेप्टीसीमिया की समस्या के चलते विशेष नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती किया गया।

लगातार 40 दिनों तक चला इलाज

लगभग 40 दिनों तक चली चिकित्सा प्रक्रिया के बाद शिशु की हालत सामान्य हो गई। उसका वजन 1.5 किलोग्राम तक पहुंच गया। इस सफलता का श्रेय अस्पताल की एसएनसीयू टीम को जाता है, जिसमें वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण चतुर्वेदी, सीनियर रेजिडेंट डॉ. मनीष पुष्करणा और चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमृता भार्गव के साथ नर्सिंग प्रभारी अमित वशिष्ठ की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

निशुल्क उपचार ने दी नई जिंदगी

अस्पताल प्रशासन ने नवजात के परिवार को मुख्यमंत्री निरोगी राजस्थान योजना और मुख्यमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की। यह योजना उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है जो महंगे निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च नहीं उठा सकते।

एसएनसीयू इकाई का योगदान

अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुनील हर्ष ने बताया कि तीन साल पहले एनएचएम के तहत एसएनसीयू और एमएनसीयू का निर्माण किया गया था। पिछले सात महीनों में यह इकाई 250 से अधिक नवजात शिशुओं के इलाज में सफल रही है। यह यूनिट अत्याधुनिक उपकरणों जैसे वेंटिलेटर, सीपैप मशीन और फोटोथेरेपी मशीन से लैस है, जो गंभीर नवजात समस्याओं के इलाज में सहायक हैं।

नवजात के परिवार की खुशी और आभार

शिशु के माता-पिता और परिवार ने अस्पताल प्रशासन और एसएनसीयू टीम का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि सफल और निशुल्क इलाज ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है।

अस्पताल की सफलता से नई उम्मीदें

यह उपलब्धि न केवल बीकानेर के जिला अस्पताल की प्रतिष्ठा को बढ़ाती है बल्कि चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करती है। अस्पताल प्रशासन का यह प्रयास एक उदाहरण है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को कैसे सशक्त और जनोपयोगी बनाया जा सकता है।

इस उपलब्धि ने बीकानेर को चिकित्सा क्षेत्र में एक नई पहचान दी है और सरकारी योजनाओं की उपयोगिता को रेखांकित किया है।


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