राज्यसभा में हंगामा: सभापति जगदीप धनखड़ और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच तीखी बहस
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2024-12-14 07:27:55

राज्यसभा में शुक्रवार, 13 दिसंबर 2024 को एक अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आया, जब सभापति जगदीप धनखड़ और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच तीखी बहस हुई। इस बहस ने सदन की कार्यवाही को प्रभावित किया और दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक का कारण बनी।
अविश्वास प्रस्ताव और आरोप-प्रत्यारोप
विपक्षी दलों द्वारा सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है, यह आरोप लगाते हुए कि वे सदन की कार्यवाही को पक्षपाती तरीके से चला रहे हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "आप सरकार के प्रवक्ता बन गए हैं, यह सदन की गरिमा के खिलाफ है।" इसके जवाब में, सभापति ने कहा, "मैं किसान का बेटा हूं, मैं किसी के दबाव में नहीं झुकूंगा।"
सदन की कार्यवाही पर प्रभाव
इस बहस के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। सभापति ने कहा, "आप संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं, मैं चर्चा के लिए तैयार हूं, आप समय बताइए।" खड़गे ने जवाब दिया, "आप किसान के बेटे हैं, मैं भी मजदूर का बेटा हूं, सदन की परंपरा का पालन करें।"
सभापति का बचाव
सभापति ने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन करते हुए कहा, "मैं किसी के दबाव में नहीं झुकूंगा, मैं संविधान के प्रति प्रतिबद्ध हूं।" उन्होंने विपक्षी नेताओं से कहा, "आप मुझसे मिलने का समय निकालिए, मैं 12 बजे आपके लिए उपलब्ध हूं।"
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि सदन की कार्यवाही में विपक्ष और सरकार के बीच मतभेद गहरे हो गए हैं। सभापति और विपक्ष के नेता के बीच की यह बहस सदन की गरिमा और कार्यवाही पर गंभीर प्रश्न उठाती है।