श्रीलंकाई नौसेना ने रामनाथपुरम तट से आठ भारतीय मछुआरों को किया गिरफ्तार, दो नावें जब्त


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-12-13 19:14:35



 

रविवार, 8 दिसंबर 2024 को, श्रीलंकाई नौसेना ने तमिलनाडु के रामनाथपुरम तट से आठ भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया और उनकी दो नावों को जब्त कर लिया। पकड़े गए मछुआरों की पहचान मंगदु भटरप्पन (55), रेड्डयुरानी कन्नन (52), चिन्ना रेड्डयुरानी मुथुराज (55), अगस्तियार कुटम काली (50), थंगाचिमद यासीन (46), जीसस, उचिपुल्ली रामकृष्णन और वेलु के रूप में हुई है। उन्हें कांकेसंतुरै नौसेना शिविर में ले जाया गया। 

घटना का विवरण

मंडपम मछुआरा संघ के अनुसार, ये मछुआरे 7 दिसंबर को रामनाथपुरम जिले के मंडपम उत्तरी तट से समुद्र में गए थे। वे पाक खाड़ी समुद्री क्षेत्र में डेल्फ़्ट द्वीप के पास मछली पकड़ रहे थे, जब श्रीलंकाई नौसेना ने उन्हें सीमा पार करने का आरोप लगाते हुए गिरफ्तार किया। 

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा, "हमारे मछुआरों की गिरफ्तारी और उनकी नावों की जब्ती तटीय समुदायों के बीच गंभीर संकट और अनिश्चितता का कारण बनती है।" जयशंकर ने आश्वासन दिया है कि भारतीय उच्चायोग और जाफना में वाणिज्य दूतावास इस मामले में सक्रिय रूप से हस्तक्षेप कर रहे हैं। 

पिछली घटनाएं

यह घटना एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार हुई है, जब श्रीलंकाई नौसेना ने भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले 23 अगस्त को, नौसेना ने कथित समुद्री सीमा उल्लंघन के लिए 11 भारतीय मछुआरों को पकड़ा था। 

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इस घटना ने भारत और श्रीलंका के बीच मछुआरों की सुरक्षा और सीमा विवादों को लेकर नए सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों को इस मुद्दे पर कूटनीतिक स्तर पर बातचीत बढ़ानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


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