बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले: इस्कॉन मंदिरों पर आगजनी और हिंसा की घटनाएं


के कुमार आहूजा,   2024-12-13 07:14:37



 

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। हाल ही में ढाका में इस्कॉन मंदिर पर हमला, एक हिंदू युवक की पिटाई, और अन्य घटनाओं ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है। यह रिपोर्ट इन घटनाओं का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती है।

ढाका में इस्कॉन मंदिर पर हमला:

7 दिसंबर 2024 को ढाका के तुराग थाना क्षेत्र में स्थित इस्कॉन नमहट्टा मंदिर पर अराजक तत्वों ने हमला किया। हमलावरों ने मंदिर की टिन की छत उखाड़ी और पेट्रोल डालकर मूर्तियों को आग के हवाले कर दिया, जिससे श्री श्री लक्ष्मी नारायण और श्री श्री राधा कृष्ण की मूर्तियां जलकर खाक हो गईं। कोलकाता इस्कॉन के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने इस घटना की पुष्टि की और बताया कि एक सप्ताह पहले भी इस्कॉन नमहट्टा केंद्र को मुस्लिम भीड़ ने जबरन बंद करा दिया था। 

भैरब में इस्कॉन केंद्र पर हमला:

इससे पहले, भैरब में भी एक इस्कॉन केंद्र पर हमला हुआ था। चश्मदीदों के अनुसार, अराजक तत्वों के एक समूह ने मंदिर परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की थी। यह घटनाएं बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते हमलों का संकेत देती हैं। 

हिंदू युवक की पिटाई और वीडियो वायरल:

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें एक हिंदू युवक अपने घर में घुसकर हुई पिटाई के बारे में बता रहा है। युवक ने वीडियो में आरोप लगाया कि पुलिस भी उनकी मदद नहीं कर रही है। इस वीडियो ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों को उजागर किया है। 

चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी:

बांग्लादेश के एक हिंदू संत, चिन्मय कृष्ण दास, को 27 नवंबर 2024 को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वह बांग्लादेश सम्मिलित सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता और चिटगांव जिले के पुंडरिक धाम के प्रमुख हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद से हिंदू समुदाय में असंतोष बढ़ गया है। 

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की स्थिति:

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की स्थिति चिंताजनक है। शेख हसीना की सरकार के बाद से हिंदू मंदिरों पर हमले, संतों की गिरफ्तारी, और हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि कट्टरपंथी लगातार हिंदू समुदाय को निशाना बना रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। 

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और अधिकारों पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। सरकार को इन घटनाओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।


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