अपने प्रिय दादा को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि , सिंधियत का दीप जलाकर पंचतंत्र में विहीन हो गए हो गए दीपचंद जी,
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2024-12-11 06:09:03

एक अजीम शख्सियत, एक अलग तरह का सेवादार ,उनके लिए शब्द भी कम हैं
क्या लिखूं दादा दीपचंद जी के बारे में सदैव मुस्कुराते रहते थे जब भी मैं मिलता था कहते थे जय श्री राम, जय झूलेलाल
आज भी उनके शब्द दिल की वा दीयो में गूंजायमान है धोबी तलाई मंदिर हो, सुदर्शन नगर मंदिर हो, रथखाना मंदिर हो ,एक भजन गाकर साई को बहुत याद करते दादा दीपचंद किसी परिचय के मोहताज नहीं, सदैव अपनी कमली में मस्त रहते थे
एक भरा पुरा कुटुंब,बेटे बहु में, नाती पोते से, दोस्ती का रिश्ता रखते थे सदैव सिंधी समाज के प्रति समर्पित और सदैव समाज सेवा में अग्रसर,,,,,,,,,, दादा दीपचंद जी आज नहीं रहे समाज को उनकी कमी सदैव खलती रहेगी आज बीकानेर फ्रंटियर संपादक के कुमार आहूजा यह देखकर दंग रह गए एक तरफ सदारगानी परिवार और दूसरी तरफ हमारा समाज , बराबर यह दर्शाता है केकिस तरह अपने परीवार के चहैते थे बीकानेर धोबी तलाई के स्व दादा तेजू मल,स्व दादा दीप चंद और दादा मनु मल ,भा ई किशन और पुरा सदारंगानी परिवार सिंधी समाज के अंदर अपने आप में एक अलग पहचान रखता है
(धनु दरवेश शिष्य दीपचंद सदारंगानी को पूरे समाज ने दी श्रद्धांजलि )
समाजसेवी व लोक गायक दीपचंद सदारंगानी को सिंधी समाज की विभिन्न संस्थाओ व गणमान्य द्वारा उनके निधन पर श्रद्धांजलि दी गई।
भारतीय सिंधु सभा के किशन सदारंगानी ने बताया कि दीपचंद जी संत धनु फकीर एटा के शिष्य थे। वह झूलेलाल के भक्ति कार्यक्रमों में लोकगीत व भजन गा कर संतो की महिमा का गुणगान किया करते थे। उनके निधन पर सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष कमलेश सत्यानी, उद्योगपति अनिल तुलसियानी, हासानंद मंगवानी, श्याम आहूजा,वरिष्ठ पत्रकार मोहन थानवी,के कुमार आहूजा और मातृशक्ति मंडली की भारतीय ग्वालानी, रुक्मणी वलीरामानी, पूनम टिकयानी और देवी नवानी ने श्रद्धांजलि दी।
सिंधु सभा के मंत्री अनिल डेम्बला ने बताया कि दीपचंद जी ने भारतीय सिंधु सभा के प्रचार प्रसार में अपना अमूल्य योगदान दिया था सिंधी समाज की विभिन्न संस्थाओं द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि सुमन अर्पित किए गए।
बीकानेर फ्रंटियर ,रेक्स टीवी इंडिया,ओजस्वी टाइम्स , बीकानेर बुलेटिन, टीम की ओर से अश्रुपूरित श्रद्धांजलि ईश्वर दादा को अपने चरणों में रखें और परिवार को दुख सहने का संबल
जय झूलेलाल
प्रेषक
किशन सदारंगानी महानगर अध्यक्ष भारतीय सिंधु सभा
Mb 9414952790