कब चेतेगा प्रशासन? कब थमेगा यह दौर? फिर बोरवेल में फंसी मासूम की जान, बचाव बचाव अभियान जारी
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2024-12-10 09:52:47

दौसा, राजस्थान: सोमवार, 9 दिसंबर 2024 को दौसा जिले के खैरतला गांव में एक 5 वर्षीय बच्चा खेलते समय खुले बोरवेल में गिर गया। बच्चा लगभग 150 फीट गहरे बोरवेल में फंस गया है। प्रशासन ने त्वरित बचाव अभियान शुरू कर दिया है, जिसमें ऑक्सीजन की आपूर्ति और जेसीबी मशीनों का उपयोग करके बच्चे तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
बच्चे की पहचान और घटना का विवरण
बच्चे की पहचान मोहम्मद अली के रूप में हुई है। वह अपने घर के पास खेल रहा था, तभी अचानक खुले बोरवेल में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।
बचाव अभियान की प्रक्रिया
बचाव दल ने बोरवेल के पास एक समानांतर गड्ढा खोदने का निर्णय लिया है, ताकि बच्चे तक पहुंचा जा सके। साथ ही, ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है ताकि बच्चे को सांस लेने में कोई कठिनाई न हो। जेसीबी मशीनों का उपयोग मिट्टी हटाने और गड्ढा खोदने के लिए किया जा रहा है।
स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों ने बचाव दल के प्रयासों की सराहना की है और बच्चे की सकुशल वापसी की कामना की है। गांव में तनावपूर्ण माहौल है, लेकिन सभी लोग बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने निवासियों से अपील की है कि वे घटनास्थल पर भीड़ न लगाएं, ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए। साथ ही, उन्होंने खुले बोरवेल को ढकने और सुरक्षा उपायों का पालन करने की सलाह दी है।
बड़ा सवाल: आखिर पहले से कार्यवाही क्यों नहीं?
बोरवेल की इस घटना ने फिर से एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आए दिन ऐसी घटनाएं सामने आने के बावजूद प्रशासन आखिर कार्यवाही क्यों नहीं करता? जनगणना, पशुगणना जैसे कार्य सरकार द्वारा किए जाते हैं लेकिन खुले पड़े बोरवेल के बारे में जानकारियाँ एकत्रित कर उनके विरुद्ध सख्ती नहीं की जाती और फिर कहीं ना कहीं एक घटना सामने आ जाती है। ऐसी घटनाओं के दौरान बचाव कार्यों में पैसा और श्रम दोनों लगने के बावजूद हर बार मासूमो को बचाया नहीं जा सका। फिर पहले से खुले पड़े बोरवेलों की जानकारियाँ एकत्रित करने में यह पैसा और श्रम क्यों खर्च नहीं किया जा सकता?