दिल्ली कूच: शंभू बॉर्डर पर किसानों और पुलिस के बीच गतिरोध जारी 


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-12-09 08:59:21



 

दिल्ली की ओर कूच करते किसानों का पहला जत्था शंभू बॉर्डर पर पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे में रुका हुआ है। पुलिस और किसानो के बीच भारी गतिरोध जारी है। जहां एक ओर किसान दिल्ली जाने की जिद पर अड़े हैं वहीं, पुलिसकर्मी उन्हें रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। अपनी मांगों के समर्थन में निकले इन किसानों ने सरकार को एक बार फिर चुनौती दी है। उनका कहना है कि जब तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी और कर्जमाफी नहीं दी जाएगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

शंभू बॉर्डर: किसानों और पुलिस के बीच तनावपूर्ण माहौल

हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर मजबूत बैरिकेड्स और भारी सुरक्षा बल तैनात किया है। पुलिस अधिकारियों ने बयान दिया, “हमारे पास 101 किसानों की सूची है, लेकिन जो लोग आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, वे अपनी पहचान स्पष्ट नहीं कर रहे हैं। यह भीड़ की तरह आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं।”

किसानों का स्पष्ट जवाब: "पहचान पत्र क्यों दें?"

एक प्रदर्शनकारी किसान ने स्थिति पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “पुलिस हमसे पहचान पत्र मांग रही है। हम पहचान पत्र तभी देंगे जब वे हमें दिल्ली जाने की गारंटी देंगे। लेकिन वे कहते हैं कि दिल्ली जाने की अनुमति नहीं है, तो फिर हम पहचान क्यों दें?” किसानों का यह बयान उनकी रणनीतिक दृढ़ता और पुलिस के प्रति अविश्वास को दिखाता है।

पुलिस की रणनीति और पहचान प्रक्रिया

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता शांति बनाए रखना है। उन्होंने कहा, “पहले किसानों की पहचान करेंगे, फिर तय करेंगे कि उन्हें आगे बढ़ने दिया जाए या नहीं। हमारा उद्देश्य है कि स्थिति नियंत्रण में रहे।”

दिल्ली कूच के उद्देश्य और किसानों की मांगें

किसानों का स्पष्ट संदेश है कि उनकी मांगें पूरी किए बिना आंदोलन समाप्त नहीं होगा। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा, “हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं। हमें रोकना असंवैधानिक है। अगर सरकार हमारी मांगों पर ध्यान नहीं देगी, तो यह आंदोलन और तेज होगा।”

शंभू बॉर्डर पर पुलिस और किसानों के बीच कड़ा मुकाबला

पुलिस ने अपनी तैयारी के तहत मीडिया और लोगों की आवाजाही भी सीमित कर दी है। किसानों का कहना है कि यह उनकी आवाज दबाने का प्रयास है। वहीं, पुलिस इसे सुरक्षा का मुद्दा बता रही है।

घटनाक्रम पर नजर

शंभू बॉर्डर पर तनावपूर्ण माहौल है। किसानों का पहला जत्था रोक दिया गया है, लेकिन यह कहना मुश्किल है कि यह संघर्ष यहीं थम जाएगा। आने वाले समय में यह प्रदर्शन दिल्ली की ओर बढ़ सकता है, जिससे राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

किसानों के इस संघर्ष पर पूरी दुनिया की नजर है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच यह गतिरोध किस दिशा में जाएगा।

लिखते-लिखते 

इस बीच ताजा प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस द्वारा किसानों को खदेड़ने के लिए आसू गैस का प्रयोग करने की खबर सामने आ रही है।


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