किसान आंदोलन: सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका हुई दायर, हाईवे खोलने की मांग
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2024-12-09 08:27:57

किसान आंदोलन ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। आज, 8 दिसंबर 2024 को, एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें पंजाब और हरियाणा में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर किसानों द्वारा किए गए अवरोधों को तत्काल हटाने का निर्देश देने की मांग की गई है।
जनहित याचिका में क्या है मांग?
याचिका में आरोप लगाया गया है कि कथित किसान और किसान यूनियनें अवैध रूप से मार्गों को अवरुद्ध कर रही हैं, जिससे आम जनता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों से यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई है कि सभी राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे ट्रैक किसानों के आंदोलन से बाधित न हों।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर 9 दिसंबर 2024 को सुनवाई तय की है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि हाईवे को अवरुद्ध करना भारतीय दंड संहिता और राष्ट्रीय उच्चमार्ग प्राधिकरण अधिनियम के तहत अपराध है, और पुलिस तथा संबंधित प्राधिकरण इस पर कार्रवाई करने में विफल रहे हैं।
किसान आंदोलन की पृष्ठभूमि
किसान आंदोलन पिछले कई महीनों से जारी है, जिसमें किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में, किसानों ने दिल्ली कूच करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद, किसानों ने दिल्ली कूच स्थगित कर दिया है।
आगे की राह
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद, यह स्पष्ट होगा कि किसानों के आंदोलन के कारण उत्पन्न अवरोधों को हटाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। इससे आम जनता को राहत मिलेगी और आंदोलनकारियों की मांगों पर भी ध्यान दिया जाएगा।