केरल में कुवैती बैंकों से ऋण धोखाधड़ी: केरलवासियों पर कानूनी शिकंजा
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2024-12-08 09:40:43

केरल में कुवैती बैंकों से ऋण लेकर विदेश से भाग आने वाले केरलवासियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। कुवैत के गल्फ बैंक ने केरल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर राज्य में 10 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं। इन मामलों में लगभग 1,425 केरलवासी शामिल हैं, जिन्होंने कुल 700 करोड़ रुपये का ऋण लिया और बिना चुकाए विदेश से भाग आए।
ऋण धोखाधड़ी का विवरण:
शिकायतकर्ता, कुवैती नागरिक मोहम्मद अब्दुल वासी, गल्फ बैंक के उप महाप्रबंधक, ने आरोप लगाया है कि केरल के 1,425 निवासियों ने बैंक से बड़े ऋण लिए और उन्हें चुकाए बिना कुवैत से भाग आए। इनमें से अधिकांश नर्सें थीं, जिन्होंने कुवैत में स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ काम किया था। बैंक अधिकारियों के अनुसार, इन नर्सों ने पहले छोटे ऋण लिए और समय पर चुकाए, जिससे उनका क्रेडिट स्कोर सुधरा। फिर, उन्होंने बड़े ऋण लिए और चुकाए बिना भारत लौट आए।
पुलिस कार्रवाई:
केरल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच शुरू की है। कोट्टायम और एर्नाकुलम जिलों में 10 FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस महानिरीक्षक के नेतृत्व में जांच चल रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भारतीय कानून के तहत विदेश में किए गए अपराधों के लिए भी कार्रवाई की जा सकती है।
कुवैती बैंक की भूमिका:
कुवैती बैंक के अधिकारियों ने केरल का दौरा किया और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई और कानूनी कार्रवाई की मांग की। बैंक अधिकारियों के अनुसार, एजेंसियों ने नर्सों को ऋण प्राप्त करने में मदद की, और वे सेवा शुल्क के रूप में ऋण राशि एकत्र करते थे। बैंक ने केरल पुलिस से सहयोग की अपील की है।
फिलहाल, केरल में कुवैती बैंकों से ऋण धोखाधड़ी के मामले में कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। केरलवासियों को विदेश में ऋण लेने से पहले सभी कानूनी और वित्तीय पहलुओं पर विचार करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।