नीट यूजी 2024: कम अंकों पर भी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की अनपेक्षित प्रवृत्ति


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-12-08 08:14:13



 

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG) 2024 के परिणामों ने मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में कुछ अप्रत्याशित रुझानों को उजागर किया है। जहां कुछ उम्मीदवारों ने उच्च अंक प्राप्त कर प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पाया, वहीं कुछ ने अपेक्षाकृत कम अंकों के बावजूद मेडिकल कॉलेजों में सीटें हासिल की।

कुल उम्मीदवारों की संख्या और क्वालीफाई प्रतिशत

इस वर्ष NEET UG परीक्षा में कुल 23,33,162 उम्मीदवारों ने भाग लिया, जिनमें से 13,15,853 को क्वालीफाई घोषित किया गया। इसमें 17 उम्मीदवारों ने पूर्ण 720 अंक प्राप्त किए, जो उम्मीदवारों की कड़ी मेहनत और प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।

कम अंकों पर प्रवेश

चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ उम्मीदवारों ने बेहद कम अंकों के बावजूद मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाया। उदाहरण के लिए, एक उम्मीदवार ने 720 में से केवल 135 अंक प्राप्त किए, फिर भी निजी मेडिकल कॉलेज में सीट हासिल की। यह प्रवृत्ति प्रवेश प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं या सीटों की उपलब्धता के मुद्दों को संकेतित करती है।

श्रेणीवार कट-ऑफ अंक

प्रवेश के लिए आवश्यक न्यूनतम अंकों में भी विविधता देखी गई। सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए कट-ऑफ 720 में से 652 अंक था, जबकि आरक्षित श्रेणियों के लिए यह अंक कम थे। उदाहरण के लिए, ओबीसी श्रेणी के उम्मीदवार को 652 अंक पर प्रवेश मिला, जबकि एससी श्रेणी के उम्मीदवार को 549 अंक पर। 

प्रवेश प्रक्रिया में अनियमितताओं की संभावना

कम अंकों पर प्रवेश संभावित अनियमितताओं या प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीटों की उपलब्धता, आरक्षण नीति, और प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के कारण हो सकता है।

बहरहाल, NEET UG 2024 के परिणामों ने मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में कुछ अप्रत्याशित रुझानों को उजागर किया है। यह आवश्यक है कि संबंधित प्राधिकरण इन अनियमितताओं की जांच करें और सुनिश्चित करे कि प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो।


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