सशस्त्र सेना झंडा दिवस 2024: बीकानेर में देशभक्ति से सराबोर विशाल रैली का आयोजन
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2024-12-08 06:40:13

सशस्त्र सेना झंडा दिवस हर साल 7 दिसंबर को हमारे वीर जवानों और उनके परिवारों के सम्मान और सहयोग के लिए मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य सैनिकों की कुर्बानियों को याद करते हुए नागरिकों को उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए प्रेरित करना है। इस बीकानेर में आज एक विशाल रैली का आयोजन किया गया।
कर्नल यश राठौड़ का प्रेरणादायक संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत कर्नल यश राठौड़, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, द्वारा झंडा दिवस के महत्व पर विचार व्यक्त करने से हुई। उन्होंने कहा, “दुर्गम परिस्थितियों में हमारे जवान अपनी जान न्योछावर कर देते हैं और कई दिव्यांग हो जाते हैं। यह दिवस हमें उनके बलिदान को सम्मानित करने का अवसर देता है।” उन्होंने आम नागरिकों से इस नेक कार्य के लिए सहयोग राशि दान करने की अपील की।
देशभक्ति रैली का भव्य आयोजन
सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर बीकानेर में सुबह 11:00 बजे वार मेमोरियल स्थल से एक विशाल रैली निकाली गई। यह रैली तुलसी सर्किल और मेजर पूर्ण सिंह सर्किल से होकर जिला सैनिक कल्याण कार्यालय पर समाप्त हुई। रैली का उद्देश्य आम जनता को सशस्त्र सेना के योगदान के प्रति जागरूक करना था।
ब्रांड एंबेसडर सुषमा बिस्सा का योगदान
इस वर्ष झंडा दिवस की ब्रांड एंबेसडर श्रीमती सुषमा बिस्सा ने रैली में शामिल होकर झंडा दिवस की सार्थकता को बढ़ाया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को इस दिवस का महत्व समझाते हुए अपील की कि वे देश के गौरव सेनानियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सहयोग करें।
विशिष्ट सैन्य अधिकारियों और छात्रों की भागीदारी
रैली में बीकानेर के प्रतिष्ठित सैन्य अधिकारी, जैसे कर्नल देवी सिंह बीका, राजेंद्र सिंह बीका, कैप्टन प्रभु सिंह, सूबेदार किशन सिंह, सूबेदार सरवन सिंह, और सूबेदार राजेंद्र सिंह ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अलावा, एनसीसी की सेवंथ राज और थर्ड राज बटालियन के कैडेट्स, रामपुरिया कॉलेज और जैन पब्लिक स्कूल के छात्रों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का समापन और धन्यवाद ज्ञापन
रैली का समापन हेम सिंह शेखावत के प्रेरणादायक संबोधन के साथ हुआ। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, अधिकारियों, और आम नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज और सेना के बीच संबंध को और मजबूत करते हैं। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप सिंह चौहान ने बखूबी किया।
सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर बीकानेर की यह रैली केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि देशभक्ति और सामूहिक सहयोग का प्रतीक थी। यह दिन हमें सैनिकों के बलिदान को याद करने और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाने का अवसर प्रदान करता है।