केरल विश्वविद्यालय कॉलेज में विवाद: एसएफआई नेताओं पर विशेष रूप से सक्षम छात्रों के साथ मारपीट का आरोप
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2024-12-07 13:15:51

केरल विश्वविद्यालय कॉलेज, तिरुवनंतपुरम में हाल ही में एक गंभीर विवाद सामने आया है, जिसमें छात्रों के बीच हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप की घटनाएं हुई हैं।
एसएफआई नेताओं पर आरोप
केरल स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) ने आरोप लगाया है कि छात्रों के एक समूह ने एसएफआई नेताओं पर विशेष रूप से सक्षम छात्रों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद, KSU ने विश्वविद्यालय कॉलेज के मुख्य द्वार से लेकर विश्वविद्यालय कॉलेज तक एक विरोध मार्च आयोजित किया, जिसमें छात्रों ने एसएफआई नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने एसएफआई नेताओं के खिलाफ विशेष रूप से सक्षम छात्रों के साथ मारपीट करने के आरोप में मामले दर्ज किए हैं। हालांकि, KSU ने आरोप लगाया है कि पुलिस राजनीतिक दबाव के कारण मामले में नरमी बरत रही है। इसलिए, KSU ने विश्वविद्यालय कॉलेज के मुख्य द्वार से लेकर विश्वविद्यालय कॉलेज तक एक विरोध मार्च आयोजित किया, जिसमें छात्रों ने एसएफआई नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
एसएफआई का बयान
एसएफआई ने इन आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि वे छात्रों के बीच शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। एसएफआई ने आरोप लगाया है कि KSU राजनीतिक लाभ के लिए इस विवाद को बढ़ा रही है।
KSU का विरोध प्रदर्शन
KSU ने एसएफआई नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी रखा है। छात्रों ने विश्वविद्यालय कॉलेज के मुख्य द्वार से लेकर विश्वविद्यालय कॉलेज तक मार्च किया और एसएफआई नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस की जांच
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पक्षों से बयान दर्ज किए हैं। पुलिस ने कहा है कि वे निष्पक्ष जांच करेंगे और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे।
छात्रों की प्रतिक्रिया
छात्रों ने इस घटना की निंदा की है और विश्वविद्यालय प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है। छात्रों ने कहा है कि इस प्रकार की हिंसा से विश्वविद्यालय का माहौल खराब होता है और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
यह घटना केरल विश्वविद्यालय कॉलेज में छात्रों के बीच बढ़ते तनाव और हिंसा की ओर इशारा करती है। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस को इस मामले में सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि छात्रों के बीच शांति और सद्भाव बना रहे।