सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: गुजरात सरकार को पेंशन भुगतान की जिम्मेदारी
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2024-12-07 06:53:08

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: गुजरात सरकार को पेंशन भुगतान की जिम्मेदारी
हाल ही में, सर्वोच्च न्यायालय ने गुजरात सरकार के उस तर्क को खारिज कर दिया है, जिसमें उसने तर्क दिया था कि उसे एक सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान के कर्मचारी को सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान करने की जिम्मेदारी नहीं है, जिनकी बर्खास्तगी को बाद में रद्द कर दिया गया था। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ऐसे कर्मचारियों को पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, न कि संबंधित शैक्षणिक संस्थान की।
मामले की पृष्ठभूमि
नूतन भारती ग्राम विद्यापीठ, गुजरात स्थित एक सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान, ने उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसे और राज्य सरकार को संयुक्त रूप से कर्मचारी को सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था। कर्मचारी को पहले बर्खास्त किया गया था, लेकिन बाद में उसे पुनः बहाल कर दिया गया और उसकी सेवानिवृत्ति के बाद सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान करने का आदेश दिया गया।
गुजरात सरकार का तर्क
गुजरात सरकार ने तर्क दिया कि राज्य सरकार के लागू पेंशन योजना के तहत, पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, न कि संस्थान की। पेंशन योजना के अनुच्छेद 11 में यह स्पष्ट किया गया है कि पेंशन, ग्रेच्युटी आदि का भुगतान राज्य सरकार के खजाने से किया जाएगा।
न्यायालय का निर्णय
न्यायमूर्ति जे.के. महेश्वरी और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश को आंशिक रूप से खारिज करते हुए कहा कि पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, न कि संस्थान की। न्यायालय ने यह भी कहा कि पेंशन योजना में कोई अपवाद नहीं है जो राज्य सरकार को इन लाभों के भुगतान से मुक्त करता हो।
संस्थान की भूमिका
न्यायालय ने संस्थान की भूमिका को सीमित करते हुए कहा कि संस्थान को केवल राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार कार्य करना होता है। संस्थान की ओर से लंबित मुकदमेबाजी को राज्य सरकार की देरी के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है, क्योंकि पेंशन योजना में स्पष्ट रूप से राज्य सरकार को भुगतान की जिम्मेदारी दी गई है।
इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। यह निर्णय राज्य सरकारों को अपने दायित्वों के प्रति जागरूक करेगा और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करेगा।