बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर अत्याचार: इमाम उमर अहमद इलियासी का बयान


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-12-07 06:50:16



 

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बांग्लादेश की जनता से अपील करते हुए कहा, "मैं बांग्लादेश के सभी लोगों से निवेदन करता हूँ। मैं बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं, पर हो रहे अत्याचारों से बहुत दुखी और चिंतित हूँ। यह अस्वीकार्य है। मानवता कहाँ गई? हम सभी पहले और सबसे महत्वपूर्ण मानव हैं; हम अपने आप को धर्म – हिंदू, मुस्लिम, सिख, या ईसाई – से क्यों पहचानते हैं? हमारी पहचान एक ही है, हम सभी इंसान हैं, और मानवता हमारा धर्म है। हमें प्रेम और सम्मान के साथ एक साथ रहना चाहिए।"

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर अत्याचार

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर अत्याचारों की घटनाएं बढ़ रही हैं। हाल ही में, बांग्लादेश में हिंदू महिलाओं ने हिंसा के खिलाफ मोर्चा खोला है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरें इन घटनाओं की भयावहता को दर्शाते हैं। इन घटनाओं में मंदिरों को तोड़ना, मूर्तियों को खंडित करना, और महिलाओं पर अत्याचार शामिल हैं। इमाम उमर अहमद इलियासी ने इन घटनाओं की निंदा करते हुए कहा, "आप निर्दोष लोगों को, महिलाओं पर अत्याचार कर रहे हैं। मंदिरों को तोड़ रहे हैं, मूर्तियों को खंडित कर रहे हैं। यह कौन सा इस्लाम पेश कर रहे हैं?"

इमाम उमर अहमद इलियासी का सामाजिक योगदान

इमाम उमर अहमद इलियासी भारतीय समाज में एक महत्वपूर्ण धार्मिक नेता हैं। उन्होंने विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। हाल ही में, उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। इससे पहले, उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत को राष्ट्र ऋषि और राष्ट्रपिता कहा था। उनकी यह टिप्पणी समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों को दर्शाती है।

बांग्लादेश में हिंदू महिलाओं का विरोध प्रदर्शन

बांग्लादेश में हिंदू महिलाओं ने हाल ही में हिंसा के खिलाफ मोर्चा खोला है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरें इन घटनाओं की भयावहता को दर्शाते हैं। इन घटनाओं में मंदिरों को तोड़ना, मूर्तियों को खंडित करना, और महिलाओं पर अत्याचार शामिल हैं। इन महिलाओं ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया है।

इमाम उमर अहमद इलियासी का बयान

इमाम उमर अहमद इलियासी ने बांग्लादेश में हो रही हिंसा की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा, "हम सभी पहले और सबसे महत्वपूर्ण मानव हैं; हम अपने आप को धर्म – हिंदू, मुस्लिम, सिख, या ईसाई – से क्यों पहचानते हैं? हमारी पहचान एक ही है, हम सभी इंसान हैं, और मानवता हमारा धर्म है। हमें प्रेम और सम्मान के साथ एक साथ रहना चाहिए।"

समाज में एकता और सद्भाव की आवश्यकता

इमाम उमर अहमद इलियासी के बयान से यह स्पष्ट होता है कि समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखना आवश्यक है। धार्मिक भेदभाव और हिंसा से समाज में असंतुलन पैदा होता है। हमें सभी धर्मों और समुदायों के बीच प्रेम और सम्मान बढ़ाने के लिए प्रयास करना चाहिए।

यह घटना बांग्लादेश में हो रही हिंसा और भारत में धार्मिक नेताओं की प्रतिक्रियाओं को दर्शाती है। हमें समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखने के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।


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