पंजाब में किसानों और पुलिस के बीच हिंसक टकराव: मंसा में गैस पाइपलाइन विरोध के दौरान कई घायल


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-12-06 07:04:13



 

पंजाब के मंसा जिले में गुरुवार तड़के किसानों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। यह संघर्ष लेलेना गांव में प्रस्तावित गैस पाइपलाइन परियोजना के विरोध में हुआ, जिसमें कई किसान और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

संघर्ष की शुरुआत

संगरूर जिले के किसान मंसा के मंसा कैचन में विरोध प्रदर्शन के दौरान लेलेना गांव की ओर बढ़ रहे थे, जहां पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। पुलिस की बैरिकेडिंग को तोड़ने की कोशिश के दौरान स्थिति बिगड़ गई, जिससे पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप किसानों ने भी पलटवार किया। 

पुलिसकर्मियों की चोटें

झड़प में मंसा सिटी II, मंसा सदर, बुढलाडा और भीखी के एसएचओ सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायलों को मंसा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

किसानों की प्रतिक्रिया

किसान नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे विरोध जारी रखेंगे। 

किसान नेता राकेश टिकैत की गिरफ्तारी

उधर, भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत को बुधवार को अलीगढ़ पुलिस ने Greater Noida में किसान नेताओं की बैठक में शामिल होने के दौरान हिरासत में लिया। पुलिस ने उन्हें यमुन एक्सप्रेसवे पर रोका और तपल पुलिस स्टेशन ले गई। 

किसान पंचायत का आयोजन

राकेश टिकैत की गिरफ्तारी के विरोध में किसानों ने Greater Noida के जीरो प्वाइंट पर पंचायत का आयोजन किया। किसान नेता गौरव टिकैत ने कहा कि जब तक सभी गिरफ्तार किसानों को रिहा नहीं किया जाता, वे किसी भी वार्ता में शामिल नहीं होंगे। 

सरकार की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की मांगों पर विचार करने के लिए एक पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। हालांकि, किसान नेताओं ने इस समिति को अस्वीकार करते हुए कहा कि अतीत में ऐसी समितियों ने कोई ठोस परिणाम नहीं दिए हैं। 

पंजाब में किसानों के अन्य विरोध

पंजाब के बठिंडा जिले में भी किसानों ने अनुकूल भूमि मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए हैं। हाल ही में, किसानों ने खाद्य निरीक्षक और नायब तहसीलदार को बंधक बना लिया और बाद में पुलिस के साथ झड़प की, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हुए। 

किसानों की एकजुटता

किसान नेताओं ने कहा है कि वे तब तक घर नहीं लौटेंगे जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं। उनका कहना है कि यह केवल भूमि के बारे में नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई है। 

पंजाब और उत्तर प्रदेश में किसानों और प्रशासन के बीच बढ़ते तनाव ने क्षेत्र की स्थिति को गंभीर बना दिया है। सरकार और किसान नेताओं के बीच संवाद की आवश्यकता है ताकि शांति स्थापित की जा सके और किसानों की जायज मांगों का समाधान हो सके।


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