वाराणसी में रिटायर्ड नौसेना अधिकारी और उनकी पत्नी से 98 लाख रुपये की साइबर ठगी


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-12-06 06:28:48



 

वाराणसी में एक रिटायर्ड नौसेना अधिकारी और उनकी पत्नी को साइबर ठगों ने 98 लाख रुपये की ठगी का शिकार बना लिया। ठगों ने उन्हें 'डिजिटल अरेस्ट' करके डराया और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में फंसाने की धमकी दी। साइबर पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया है। 

साइबर ठगी की शुरुआत

आशापुर (सारनाथ) के माधव नगर कॉलोनी निवासी अनुज कुमार यादव, जो मूलतः बलिया के मरगूपुर (फेफना) के निवासी हैं, 31 जुलाई को नौसेना से रिटायर हुए थे। 11 नवंबर को उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) का अधिकारी बताया। उसने कहा कि उनके नाम पर एक सिम जारी हुआ है, जिससे मुंबई में गैर-कानूनी गतिविधियां हो रही हैं। इसके बाद, उन्हें मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन से संपर्क करने को कहा गया। 

फर्जी पुलिस अधिकारी की धमकी

वहां से एक और कॉल आई, जिसमें व्यक्ति ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया और कहा कि उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उसने एफआईआर की प्रति भी भेजी और विवेचना अधिकारी विजय खन्ना का नाम बताकर मोबाइल नंबर दिया, जिस पर केस की प्रति भेजने को कहा। इसके बाद, अलग-अलग व्हाट्सएप नंबर से मैसेज, ऑडियो और वीडियो कॉल के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी गई। 

डिजिटल अरेस्ट और ठगी की प्रक्रिया

ठगों ने उन्हें 'डिजिटल अरेस्ट' करके डराया और केस से नाम हटाने के लिए रुपये भेजने को कहा। इस डर से, अनुज यादव और उनकी पत्नी रीना यादव ने 11 नवंबर से 3 दिसंबर तक कुल 98 लाख रुपये ठगों को भेजे। इसमें 14 नवंबर को 33 लाख रुपये, 16 नवंबर को 50 लाख रुपये, 18 नवंबर को ICICI बैंक के माध्यम से 7.5 लाख रुपये और 3 दिसंबर को 7.5 लाख रुपये शामिल हैं। 

साइबर पुलिस की कार्रवाई

यह ठगी तब सामने आई जब अनुज यादव के बेटे, जो एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं, मंगलवार को घर पहुंचे और पिता से संपर्क नहीं होने पर चिंता जताई। साइबर पुलिस स्टेशन के प्रभारी विजय नारायण मिश्रा ने बताया कि प्राप्त जानकारी के आधार पर तीन फोन नंबर मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पैसा विभिन्न शहरों के बैंकों में ट्रांसफर किया गया है, जिनमें नई दिल्ली, गुरुग्राम, पानीपत और कुशीनगर शामिल हैं। 

साइबर ठगी से बचाव के उपाय

यह घटना दर्शाती है कि साइबर ठग अब उच्च पदस्थ अधिकारियों के नाम का उपयोग करके लोगों को ठग रहे हैं। साइबर ठगी से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतें:

अनजान नंबर से आने वाली कॉल्स और मैसेज पर ध्यान दें।

किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से सत्यापन करें।

व्यक्तिगत जानकारी को अनजान व्यक्तियों के साथ साझा करने से बचें।

साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाएं और नियमित रूप से अपने खातों की निगरानी करें।

साइबर ठगी के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, इसलिए सतर्क रहना और जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है।


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