राज परिवार संपत्ति विवाद: राजपरिवार और कोर्ट के बीच गरमाई स्थिति, संपत्ति विवाद में नया मोड़


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-12-05 18:55:03



 

बीकानेर स्थित पूर्व राजपरिवार की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद में मंगलवार को कोर्ट के आदेश पर मौके पर पहुंचे कमिश्नर एडवोकेट त्रिलोचन शर्मा को शिव विलास में अधिकांश कमरे बंद मिलने से संपत्तियों की पूरी सूची तैयार नहीं हो सकी। राजपरिवार की सदस्य विधायक सिद्धि कुमारी स्वास्थ्य कारणों से अपने कमरे से बाहर नहीं आ सकीं। यह मामला कोर्ट और राजपरिवार के बीच लगातार तनाव बढ़ा रहा है।

पहले प्रवेश न देने पर जारी हुआ कारण बताओ नोटिस

इससे पहले, मौके पर पहुंचने के दौरान कमिश्नर को प्रवेश देने से इनकार करने पर कोर्ट ने विधायक सिद्धि कुमारी और गार्ड अविनाश व्यास को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। 30 नवंबर को जब कमिश्नर संपत्ति का निरीक्षण करने पहुंचे, तो गेटमैन ने गेट बंद कर दिया और अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। सिद्धि कुमारी के वकील त्रिभुवन शंकर भोजक ने आरोप लगाया कि कमिश्नर राजपरिवार के अन्य सदस्यों गोविंद सिंह और हनुवंत सिंह के साथ मिलकर पैलेस में प्रवेश की कोशिश कर रहे थे।

कोर्ट का सख्त रुख: आपत्ति खारिज

सुनवाई के दौरान, सिद्धि कुमारी के वकील ने मौके पर कमिश्नर की नियुक्ति को वापस लेने की प्रार्थना की। लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए कहा कि एक बार सहमति देने के बाद उसे वापस नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायालय अपनी स्वेच्छा से कमिश्नर नियुक्त कर सकता है।

मंगलवार को निरीक्षण: अधिकतर कमरे बंद

मंगलवार को कमिश्नर त्रिलोचन शर्मा फिर से शिव विलास पहुंचे। इस बार उन्हें प्रवेश दिया गया, लेकिन अधिकांश कमरे बंद मिले। केवल किचन, ड्राइंग रूम, और कुछ अन्य कक्ष खुले थे, जिससे पूरी संपत्ति का निरीक्षण नहीं हो सका। इस दौरान विधायक सिद्धि कुमारी घर में मौजूद थीं, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे बाहर नहीं आ सकीं। डॉ. राजेंद्र कोठारी की पर्ची के अनुसार उन्हें 28 नवंबर से सात दिन का बेड रेस्ट दिया गया है।

अगली सुनवाई और रिपोर्ट की समय सीमा

कोर्ट ने कमिश्नर को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 6 दिसंबर की तारीख तय की है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि यदि रिपोर्ट तैयार करने में कोई व्यवधान उत्पन्न होता है, तो पुलिस सहायता ली जा सकती है।


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