संभल हिंसा: सपा नेताओं की जेल में मुलाकात पर प्रशासनिक कार्रवाई, जेलर और डिप्टी जेलर सस्पेंड
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2024-12-05 15:01:24

संभल, उत्तर प्रदेश: 4 दिसंबर 2024, संभल जिले में हाल ही में हुई हिंसा के आरोपियों से समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं की जेल में मुलाकात ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस मामले में मुरादाबाद जेल के जेलर विक्रम सिंह यादव और डिप्टी जेलर प्रवीण सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
मुलाकात का विवरण
सोमवार, 2 दिसंबर 2024 को, सपा विधायक नवाबजान, पूर्व सांसद एसटी हसन, विधायक चौधरी समरपाल सिंह सहित अन्य सपा नेता मुरादाबाद जेल में बंद संभल हिंसा के आरोपियों से बिना पूर्व अनुमति के मुलाकात करने पहुंचे। जेल प्रशासन पर आरोप है कि इन नेताओं को बिना पर्ची के मुलाकात की अनुमति दी गई, जो जेल मैनुअल के विरुद्ध है।
प्रशासनिक कार्रवाई
मामले की जांच के बाद, डीजी जेल पीवी रामाशास्त्री ने मुरादाबाद जेल के जेलर विक्रम सिंह यादव और डिप्टी जेलर प्रवीण सिंह को निलंबित कर दिया। साथ ही, जेल अधीक्षक पीपी सिंह के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश की गई है।
सपा नेताओं के बयान
मुलाकात के बाद, सपा नेताओं ने आरोपियों को निर्दोष बताते हुए पुलिस पर अत्याचार करने का आरोप लगाया। पूर्व सांसद एसटी हसन ने कहा कि पुलिस ने बेगुनाह लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके साथ बर्बरता की है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
संभल पुलिस ने अब तक 300 से अधिक उपद्रवियों की पहचान की है, लेकिन नकाबपोश आरोपियों की पहचान में कठिनाई हो रही है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जेल प्रशासन को मुलाकातों के लिए सख्त नियमों का पालन करना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
यह घटना उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है, जो दर्शाता है कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी को नियमों का पालन करना आवश्यक है।