तीन UPSC उम्मीदवारों की दुखद मृत्यु का मामला: 6 के खिलाफ आरोप पत्र पर लिया संज्ञान 


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-12-05 09:26:46



 

दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित RAU's IAS स्टडी सर्कल के बेसमेंट में 27 जुलाई 2024 को तीन UPSC उम्मीदवारों की मृत्यु के बाद से न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण घटनाएं घटित हुई हैं। इस घटना ने न केवल शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं, बल्कि न्यायिक प्रणाली की तत्परता और पारदर्शिता को भी चुनौती दी है।

आरोपपत्र और आरोपियों की पहचान

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में CEO अभिषेक गुप्ता, समन्वयक देशपाल सिंह, और बेसमेंट के चार सह-मालिकों सरबजीत सिंह, परविंदर सिंह, तेजिंदर सिंह, और हरविंदर सिंह के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। इन पर आपराधिक साजिश और हत्या के आरोप लगाए गए हैं। 

न्यायिक प्रक्रिया की प्रगति

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 4 दिसंबर 2024 को आरोपपत्र पर संज्ञान लिया और सभी छह आरोपियों को 20 दिसंबर 2024 को पेश होने के लिए समन्वित किया है। 

अंतरिम जमानत और शर्तें

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 29 नवंबर 2024 को चार सह-मालिकों की अंतरिम जमानत बढ़ा दी है, जिसमें उन्हें 21 जनवरी 2025 तक जमानत पर रिहा किया गया है। इसके साथ ही, उन्हें रेड क्रॉस सोसाइटी में 5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त से मुक्त कर दिया गया है। 

न्यायिक टिप्पणियां और निर्देश

दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले में दिल्ली सरकार की 'फ्रीबी कल्चर' की आलोचना की है और एमसीडी कमिश्नर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। अदालत ने एमसीडी को ओल्ड राजेंद्र नगर क्षेत्र में नालों पर सभी अतिक्रमण हटाने के लिए शुक्रवार तक का समय दिया है। 

अन्य संबंधित घटनाएं

इसी संदर्भ में, दिल्ली के अन्य कोचिंग संस्थानों के बेसमेंट भी सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के कारण सील किए गए। उदाहरण के लिए, डॉ. दृष्टि आईएएस कोचिंग संस्थान के बेसमेंट को भी इसी कारण से सील किया गया। 

RAU's IAS स्टडी सर्कल के बेसमेंट में हुई त्रासदी ने न केवल न्यायिक प्रक्रिया की गति और पारदर्शिता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दर्शाया है कि शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे में सुधार की आवश्यकता है। न्यायिक प्रणाली की तत्परता और पारदर्शिता इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।


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