नौसेना दिवस 2024: पुरी में भारतीय नौसेना का गौरवमय प्रदर्शन और आत्मनिर्भरता का संदेश


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-12-05 06:23:57



 

हर वर्ष 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भारतीय नौसेना के अद्वितीय साहस, पराक्रम और समुद्री सुरक्षा में उनकी भूमिका को समर्पित है। इस वर्ष नौसेना दिवस का आयोजन ओडिशा के पुरी में किया गया, जो समुद्री सीमा की रक्षा में नौसेना की असाधारण उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के साथ आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को और मजबूत करने का प्रतीक है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी मौजूद थे।

भारतीय नौसेना की आत्मनिर्भरता की ओर यात्रा

कार्यक्रम में एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने भारत के पनडुब्बी निर्माण योजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 1999 की 30-वर्षीय योजना के तहत 12 पनडुब्बियाँ विदेशी सहयोग से भारत में बननी थीं, जिनमें से पाँच का निर्माण और कमीशनिंग हो चुकी है, और छठी जल्द ही नौसेना में शामिल होगी। इसके बाद की योजना पूरी तरह से भारतीय डिज़ाइन और शिपयार्ड्स के माध्यम से पनडुब्बियों के निर्माण पर केंद्रित है।

नवाचार और उन्नति की दिशा में कदम

एडमिरल त्रिपाठी ने "प्रोजेक्ट 75 इंडिया" का उल्लेख किया, जो उन्नत पारंपरिक पनडुब्बियों के निर्माण का हिस्सा है। यह परियोजना अधिग्रहण की अंतिम प्रक्रिया में है, और इसके माध्यम से चुने गए शिपयार्ड के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर जल्द होंगे। इसके अतिरिक्त, 2015 में संशोधित योजना के तहत 6 पारंपरिक पनडुब्बियों को परमाणु ऊर्जा चालित (SSNs) बनाने का निर्णय लिया गया। दो SSNs के निर्माण की मंजूरी दी जा चुकी है और इस दिशा में काम प्रारंभ हो चुका है। एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि 2036-37 तक पहला SSN नौसेना में शामिल हो जाएगा, जो भारतीय महासागर क्षेत्र में मजबूत प्रतिरोध क्षमता प्रदान करेगा।

पुरी में भव्य प्रदर्शन का आयोजन

पुरी के समुद्र तट पर भारतीय नौसेना ने अपनी शक्ति और कौशल का प्रदर्शन किया। इसमें 15 युद्धपोत, 40 विमान, मरीन कमांडो (MARCOS) और पनडुब्बियों की भागीदारी रही। MIG-29K और Hawk लड़ाकू विमानों ने अपने अद्भुत हवाई करतब दिखाए। इसके साथ ही, मरीन कमांडो ने हेलीकॉप्टर से Combat Free Fall और Slithering जैसी कार्रवाइयों का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में रॉकेट फायरिंग और उभयचर संचालन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

सुरक्षा, पर्यावरण और प्रबंधन का विशेष ध्यान

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया। विमान संचालन में बाधा न हो, इसके लिए पतंगबाजी, ड्रोन और ड्रोन कैमरा के उपयोग पर रोक लगाई गई। साथ ही, समुद्र तट पर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए लोगों से अनुरोध किया गया। यातायात के लिए विशेष सलाह जारी की गई, जिससे कार्यक्रम के संचालन में कोई बाधा न आए।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भारतीय नौसेना का योगदान

नौसेना दिवस 2024 का यह आयोजन केवल शक्ति और सामर्थ्य का प्रतीक नहीं था, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में भारतीय नौसेना के योगदान को भी रेखांकित करता है। एडमिरल त्रिपाठी ने बताया कि यह न केवल देश की सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) और सहायक उद्योगों को बढ़ावा देगा, जिससे रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। पुरी में हुआ यह ऐतिहासिक आयोजन भारतीय नौसेना की असाधारण ताकत और तकनीकी प्रगति का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।


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