सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड पुलिस के तीन अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किया


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-12-04 21:16:45



 

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड पुलिस के तीन अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किया है, जिन्होंने अदालत के अंतरिम आदेश के बावजूद आरोपपत्र दाखिल किया। यह मामला एक मकान मालिक-किरायेदार विवाद से संबंधित है, जिसमें अदालत ने 18 अगस्त 2023 को पुलिस को आगे की कार्रवाई करने से रोक दिया था। 

अंतरिम आदेश का उल्लंघन

अदालत ने 18 अगस्त 2023 को एक अंतरिम आदेश पारित किया था, जिसमें पुलिस को रांची के लोअर बाजार पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के संबंध में आगे की कार्रवाई करने से रोक दिया गया था। इसके बावजूद, 30 सितंबर 2023 को स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) दयानंद कुमार और जांच अधिकारी तारकेश्वर प्रसाद केसरी ने आरोपपत्र दाखिल किया। 

अवमानना नोटिस जारी करना

अदालत ने इस जानबूझकर उल्लंघन को गंभीर माना और डीएसपी दीपक कुमार, एसएचओ दयानंद कुमार, और आईओ तारकेश्वर प्रसाद केसरी को अवमानना नोटिस जारी किया। अदालत ने इन अधिकारियों को 4 नवंबर 2024 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है। 

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद एक मकान मालिक और किरायेदार के बीच था, जहां किरायेदार, जो झारखंड के तत्कालीन डीजीपी की पत्नी थी, ने मकान मालिक के परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। मकान मालिक ने आरोप लगाया कि किरायेदार किराया नहीं दे रहा था, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से घर खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। 

अदालत की टिप्पणियाँ

अदालत ने टिप्पणी की कि पुलिस ने जानबूझकर अंतरिम आदेश का उल्लंघन किया, और यह कि शिकायतकर्ता का पति आईपीएस अधिकारी था, जो इस मामले को और भी संवेदनशील बनाता है। 

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

अधिकारियों ने अदालत के समक्ष हलफनामा दायर कर खेद व्यक्त किया और इसे एक चूक बताया। अदालत ने उनके खेद को स्वीकार करते हुए अवमानना नोटिस जारी किया और निर्देश दिया कि राज्य सरकार 2011 के पत्र को संशोधित करे, जो इस मामले में आरोपपत्र दाखिल करने का कारण बना था। 

यह मामला न्यायिक आदेशों के पालन की गंभीरता को दर्शाता है और यह सुनिश्चित करता है कि पुलिस और अन्य अधिकारी अदालत के आदेशों का सम्मान करें।


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