सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया: सैनिक की विधवा की पेंशन का मामला
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2024-12-04 07:16:38

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार और भारतीय सेना पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया है, क्योंकि उन्होंने एक सैनिक की विधवा को लिबरलाइज्ड फैमिली पेंशन (LFP) देने के आदेश के खिलाफ अपील की थी। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में विधवा को कोर्ट में घसीटना अनुचित था और सरकार को इस मामले में सहानुभूति दिखानी चाहिए थी।
मामले का विवरण
यह मामला नायक इंद्रजीत सिंह से संबंधित है, जिनका जनवरी 2013 में जम्मू-कश्मीर में अत्यधिक कठिन मौसम परिस्थितियों में गश्त के दौरान कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया था। उनकी मृत्यु को प्रारंभ में बटल कैजुअल्टी के रूप में वर्गीकृत किया गया था, लेकिन बाद में इसे फिजिकल कैजुअल्टी के रूप में पुनर्वर्गीकृत किया गया। उनकी विधवा को विशेष फैमिली पेंशन दी गई, लेकिन LFP से वंचित किया गया।
आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल का आदेश
विधवा ने आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल (AFT) में याचिका दायर की, जिसमें 2019 में AFT ने उनके पक्ष में निर्णय देते हुए LFP और बकाया राशि का भुगतान करने का आदेश दिया। केंद्र सरकार और सेना ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने AFT के आदेश को बरकरार रखते हुए केंद्र सरकार और सेना पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में विधवा को कोर्ट में घसीटना अनुचित था और सरकार को इस मामले में सहानुभूति दिखानी चाहिए थी।
सरकार की प्रतिक्रिया
सरकार ने अपनी अपील में तर्क दिया कि बटल कैजुअल्टी और फिजिकल कैजुअल्टी के बीच अंतर को 2019 के कंचन दुआ मामले में स्थापित किया गया था। उन्होंने कहा कि सभी मामलों में LFP देने से उन सैनिकों की पहचान कम हो सकती है जो लाइव कॉम्बैट या शत्रुतापूर्ण ऑपरेशंस में मरते हैं।
कोर्ट की टिप्पणी
कोर्ट ने सरकार की दलील को खारिज करते हुए कहा कि यह मामला पूरी तरह से अलग परिस्थितियों में था। कोर्ट ने कहा कि यह बहुत कठोर है। वह देश का सैनिक था, और उसने आपके लिए काम किया। आप इस मामले में अपील कैसे कर सकते हैं?
इस निर्णय ने सरकार और सेना की नीतियों पर सवाल उठाए हैं, विशेषकर उन मामलों में जहां सैनिकों की मृत्यु ऑपरेशनल ड्यूटी के दौरान होती है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह विधवा को तीन महीने के भीतर LFP का भुगतान करे और जुर्माना राशि दो महीने के भीतर अदा करे।