एनएमसी ने 198 मेडिकल कॉलेजों को स्टाइपेंड विवरण न देने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया


के कुमार आहूजा, अजय त्यागी   2024-12-02 15:29:12



 

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने देशभर के 198 मेडिकल कॉलेजों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिन्होंने इंटर्न और रेजीडेंट्स को दिए गए स्टाइपेंड का विवरण प्रस्तुत नहीं किया है।

नोटिस की विस्तृत जानकारी

NMC ने हाल ही में 115 सरकारी और 83 निजी मेडिकल कॉलेजों को नोटिस भेजा है, जिसमें मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं। नोटिस में कहा गया है, "यह देखा गया है कि कई कॉलेजों ने अभी तक आवश्यक डेटा ईमेल के माध्यम से प्रस्तुत नहीं किया है। इन कॉलेजों को निर्देशित किया जाता है कि वे बताएं कि उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।"

वार्षिक घोषणा पत्र की अंतिम तिथि में विस्तार

इसके अतिरिक्त, NMC ने मेडिकल कॉलेजों को वार्षिक घोषणा पत्र 10 दिसंबर तक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। पहले यह तिथि 30 नवंबर थी, जिसे बढ़ाकर 10 दिसंबर कर दिया गया है। NMC के एक आधिकारिक नोटिफिकेशन में कहा गया है, "यह अंतिम अवसर है आवश्यक जानकारी प्रदान करने का, जो MSMER2023 के अध्याय II के अनुसार अनिवार्य है।"

वार्षिक घोषणा पत्र का महत्व

हर मेडिकल कॉलेज के लिए NMC पोर्टल पर वार्षिक घोषणा पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है, ताकि UG-MBBS सीटों की वार्षिक अनुमति का नवीनीकरण हो सके। यदि कोई कॉलेज निर्धारित समय सीमा के भीतर वार्षिक घोषणा पत्र प्रस्तुत नहीं करता है, तो उसे MBBS कोर्स में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।

NMC के इन कदमों से स्पष्ट है कि मेडिकल कॉलेजों को अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना आवश्यक है, ताकि चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे।


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