आईजी ओमप्रकाश के निर्देशन में बीकानेर रेंज पुलिस ने अनेक नवाचारों के माध्यम से ना सिर्फ अपराधों पर अंकुश लगाया है बल्कि आम जनता के साथ सीधे जुड़कर जनता में पुलिस और कानून के प्रति विश्वास जगाया है।


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-12-01 14:51:00



बीकानेर रेंज पुलिस को SKOCH अवार्ड 2024 से सम्मानित किया गया: पुलिस-पब्लिक पंचायत की सफलता की कहानी

बीकानेर रेंज पुलिस को उनके नवाचार 'पुलिस-पब्लिक पंचायत' के लिए प्रतिष्ठित SKOCH अवार्ड 2024 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान 30 नवंबर 2024 को नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में बीकानेर रेंज के आईजी श्री ओमप्रकाश को प्रदान किया गया।

पुलिस-पब्लिक पंचायत का उद्देश्य और कार्यप्रणाली

'पुलिस-पब्लिक पंचायत' का उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच की दूरी कम करना, मधुर संबंध स्थापित करना और आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। इस पहल के माध्यम से पारदर्शिता, जवाबदेही और समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा दिया गया है। महिला सुरक्षा, नशामुक्ति, और पुलिस की कार्यप्रणाली का सामाजिक अंकेक्षण इसके प्रमुख घटक हैं।

मुख्य पहल और उपलब्धियां

बीकानेर रेंज आईजी ओमप्रकाश के निर्देशन में बीकानेर रेंज पुलिस ने अनेक नवाचारों के माध्यम से ना सिर्फ अपराधों पर अंकुश लगाया है बल्कि आम जनता के साथ सीधे जुड़कर जनता में पुलिस और कानून के प्रति विश्वास जगाया है। ये हैं मुख्य नवाचार: 

♦ पुलिस-पब्लिक पंचायतों का आयोजन: अब तक 4,465 पंचायतों का आयोजन किया गया, जिसमें 1,49,526 नागरिकों ने भाग लिया। इन पंचायतों के दौरान 552 परिवादों का प्राथमिकता से निस्तारण किया गया।  

♦ बालिका सुरक्षा पर संवाद: 19,066 बालिकाओं के साथ संवाद कर उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

♦ महिला सुरक्षा पर जागरूकता: 20,257 महिलाओं से संवाद कर उन्हें सुरक्षा सखियों के माध्यम से पुलिस से जोड़ा गया।

♦ नशामुक्ति अभियान: 'स्टूडेंट्स अगेंस्ट ड्रग्स' मुहिम के तहत 1,13,834 विद्यार्थियों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक किया गया।

♦ साइबर जागरूकता: 'ऑपरेशन साइबर क्लीन' के तहत 79,685 फॉलोवर्स को गैंगस्टर्स के सोशल मीडिया अकाउंट्स से हटाया गया और 22,745 युवाओं को साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया गया।

♦ पुलिस-विद्यार्थी चौपाल: 3,712 स्कूल/कॉलेज के विद्यार्थियों को कानूनी साक्षरता, सड़क सुरक्षा, मादक पदार्थों के सेवन, साइबर जागरूकता, बच्चों के खिलाफ अपराध, धार्मिक और सामाजिक सद्भाव, और सोशल मीडिया के दुरुपयोग के बारे में जागरूक किया गया।

♦ सुसाइड प्रिवेंशन रिसोर्स सेंटर (SPRC): मानसिक अवसाद, घरेलू हिंसा और कर्ज से पीड़ित व्यक्तियों की संकट के समय तुरंत सहायता के लिए SPRC की स्थापना की गई।

♦ अपराध मुक्त गांव कार्यक्रम: 25 पंचायतीराज प्रतिनिधियों को सम्मानित करते हुए अपराध मुक्त गांवों में पंचायतीराज संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया गया।

♦ पारिवारिक वानिकी: 39,323 परिवारों को फलदार वृक्षों के रोपण से जोड़ा गया।

प्रभाव और परिणाम

पुलिस-पब्लिक पंचायत की पहल के परिणामस्वरूप बीकानेर रेंज में महिला और बच्चों के खिलाफ अपराधों में कमी आई है। प्रकरणों के निस्तारण में बीकानेर रेंज प्रदेश भर में प्रथम स्थान पर है। कमजोर वर्ग के खिलाफ अपराधों से संबंधित प्रकरणों के निस्तारण में बीकानेर रेंज प्रदेश भर में द्वितीय स्थान पर है।

तकनीकी पहल

'पुलिस-पब्लिक पंचायत' वेब एप्लिकेशन के माध्यम से दूरस्थ थानों तक पुलिस की पहुंच को सहज बनाया गया, जिससे पुलिस कार्रवाई का दायरा विस्तृत हुआ और अंतिम व्यक्ति तक पुलिस की पहुंच मुमकिन हुई।

सामाजिक अंकेक्षण और जवाबदेही

पुलिस-पब्लिक पंचायत के माध्यम से पुलिस कर्मियों के सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया शुरू की गई, जिससे पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित की गई।

बीकानेर रेंज पुलिस की यह पहल पुलिस और समुदाय के बीच विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिससे समाज में सुरक्षा और शांति का वातावरण स्थापित हो रहा है।


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