कैप्टन रिया एस श्रीधरन बनीं एविएशन विंग्स प्राप्त करने वाली दूसरी पीढ़ी की महिला अधिकारी
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2024-12-01 07:04:46

भारत की सेना में एक और ऐतिहासिक पल सामने आया है जब कैप्टन रिया एस श्रीधरन ने भारतीय सेना के कंबैट एविएशन ट्रेनिंग स्कूल (CATS) नासिक में आयोजित एक भव्य समापन समारोह में एविएशन विंग्स प्राप्त किए। यह एक गौरवपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि वह पहली बार भारतीय सेना की एविएशन विंग्स प्राप्त करने वाली दूसरी पीढ़ी की महिला अधिकारी बनी हैं। यह सफलता उनके पिता, ब्रिगेडियर कौशल श्रीधरन के नक्शेकदम पर चलने का नतीजा है, जिन्होंने भारतीय सेना में अपना अहम योगदान दिया है।
11 महीने की कठिन ट्रेनिंग के बाद हासिल की गई यह उपलब्धि
कैप्टन रिया ने 11 महीने तक कठिन और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण लिया, जिसमें उन्हें भारतीय सेना के सर्वोत्तम पायलट बनने के लिए शारीरिक, मानसिक और तकनीकी रूप से तैयार किया गया। इस कड़ी ट्रेनिंग के बाद उन्हें भारतीय सेना के प्रतिष्ठित एविएशन विंग्स से नवाजा गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें सेना प्रशिक्षण कमांड (ARTRAC) द्वारा दिया गया, जो भारतीय सेना की प्रमुख फ्लाइंग संस्था है।
आर्मी एविएशन कोर में उनका महत्वपूर्ण योगदान
कैप्टन रिया अब भारतीय सेना के युवा एविएशन कोर का हिस्सा बन चुकी हैं, जो वायु गतिशीलता, निगरानी और मुकाबला समर्थन प्रदान करने में अहम भूमिका निभाता है। एक युद्धक पायलट के तौर पर, उनका कार्य संचालन क्षमता बढ़ाना और सेना के मिशन को मजबूती प्रदान करना है। उनका यह कदम न केवल उनकी खुद की उपलब्धि है, बल्कि यह भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां परंपरागत रूप से पुरुषों का प्रभुत्व रहा है।
महिलाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत
कैप्टन रिया की सफलता न केवल उनके खुद के समर्पण और संघर्ष का परिणाम है, बल्कि यह भारतीय सेना और अन्य रक्षा बलों में महिलाओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। उनका यह कदम साबित करता है कि यदि किसी के पास मजबूत इच्छाशक्ति और साहस हो, तो वह किसी भी बाधा को पार कर सकता है। उनके इस सफर ने उन महिलाओं के लिए रास्ता खोला है, जो सैन्य क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की इच्छा रखती हैं।
भारतीय सेना की दक्षिणी कमान ने दी सराहना
कैप्टन रिया की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना करते हुए भारतीय सेना की दक्षिणी कमान ने एक भावुक पोस्ट में उन्हें बधाई दी। इस पोस्ट में कहा गया, "11 महीनों के कठिन प्रशिक्षण के बाद, कैप्टन रिया एस श्रीधरन ने सेना एविएशन कोर में अपनी दूसरी पीढ़ी की विरासत को कायम रखते हुए इस प्रतिष्ठित मील के पत्थर को हासिल किया।" इसने यह भी साबित किया कि कैप्टन रिया की सफलता में दृढ़ निश्चय और साहस की बड़ी भूमिका रही है।
एक नई दिशा की ओर बढ़ते कदम
कैप्टन रिया की इस सफलता ने यह भी सिद्ध किया है कि महिला अधिकारी अब भारतीय सेना के प्रत्येक क्षेत्र में अपनी भूमिका निभा रही हैं। उनका यह कदम न केवल महिलाओं के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करता है, बल्कि यह भारतीय सेना के भविष्य की दिशा को भी नई उम्मीदों से भर देता है। उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि अगर किसी में मेहनत, समर्पण और साहस हो, तो वह किसी भी पेशेवर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है।