दिल्ली उच्च न्यायालय ने कश्मीरी वकील तनवीर अहमद मीर को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नियुक्त किया


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-12-01 05:52:29



 

दिल्ली उच्च न्यायालय ने कश्मीरी वकील तनवीर अहमद मीर को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नियुक्त किया है, जिससे वह इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने वाले पहले कश्मीरी बन गए हैं। यह उपलब्धि उनके 28 वर्षों के कानूनी करियर और भारतीय न्याय व्यवस्था में उनके योगदान का प्रतीक है।

तनवीर अहमद मीर का कानूनी करियर

श्रीनगर के रहने वाले मीर ने 1998 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी और एलएलएम की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली उच्च न्यायालय और देशभर की निचली अदालतों में प्रैक्टिस की है। उनके द्वारा संभाले गए प्रमुख मामलों में अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला, 2जी स्पेक्ट्रम मामला, आरुषि तलवार हत्या मामला, रॉबर्ट वाड्रा, इंद्राणी मुखर्जी और उद्योगपति नवीन जिंदल शामिल हैं।

शैक्षणिक योगदान

मीर जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में आपराधिक कानून और प्रैक्टिस के सहायक प्रोफेसर के रूप में भी योगदान दे रहे हैं, जिससे कानूनी पेशेवरों की नई पीढ़ी को मार्गदर्शन मिल रहा है।

वरिष्ठ अधिवक्ता नियुक्ति प्रक्रिया

दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता पदनाम नियम, 2024 के अनुसार, एक समिति का गठन किया गया है जिसमें मुख्य न्यायाधीश, दो वरिष्ठतम न्यायाधीश, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल, प्रशासनिक समिति द्वारा चुने गए एक वरिष्ठ अधिवक्ता और बार एसोसिएशन के एक सदस्य शामिल हैं। 

उम्मीदवारों के पास कम से कम दस वर्षों का प्रैक्टिस अनुभव होना चाहिए, और उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय या उसकी निचली अदालतों में प्रैक्टिस करना चाहिए। उम्मीदवारों की आयु कम से कम 40 वर्ष होनी चाहिए, हालांकि समिति अपवाद कर सकती है। चयन प्रक्रिया में साक्षात्कार और प्रत्येक उम्मीदवार के अनुभव और उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा शामिल है।

तनवीर अहमद मीर की नियुक्ति कश्मीरी समुदाय के लिए गर्व का विषय है और यह उनकी कानूनी क्षेत्र में उत्कृष्टता को दर्शाता है।


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