(मीडिया )को अपनी रिपोर्टिंग मैं संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का पालन करना चाहिए गुरुग्राम कोर्ट ने पत्रकार चित्रा त्रिपाठी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की, POCSO मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी
के कुमार आहूजा 2024-11-30 15:15:48

गुरुग्राम, हरियाणा: गुरुग्राम की एक विशेष अदालत ने हाल ही में टीवी समाचार एंकर चित्रा त्रिपाठी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इससे पहले, इस महीने की शुरुआत में उनके खिलाफ एक POCSO (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस) मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
मामले का विवरण
यह मामला 2013 का है, जब कुछ समाचार चैनलों ने एक नाबालिग लड़की और उसके परिवार के कथित यौन शोषण से संबंधित "संपादित" और "अश्लील" वीडियो प्रसारित किए थे। इन चैनलों में चित्रा त्रिपाठी के साथ-साथ दीपक चौरसिया, अजीत अंजुम, और सैयद सुहैल जैसे पत्रकार शामिल थे। इन पर आरोप था कि उन्होंने बिना अनुमति के वीडियो प्रसारित किए, जिससे लड़की और उसके परिवार की गोपनीयता का उल्लंघन हुआ।
गिरफ्तारी वारंट और अग्रिम जमानत याचिका
इस मामले में, गुरुग्राम की विशेष अदालत ने आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। चित्रा त्रिपाठी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि मामले में जांच लंबित है और आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना आवश्यक है।
POCSO अधिनियम के प्रावधान
POCSO अधिनियम, 2012, बच्चों के यौन शोषण से संबंधित अपराधों को रोकने और दंडित करने के लिए बनाया गया है। इसमें बच्चों की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रावधान हैं। बच्चों की गोपनीयता का उल्लंघन करने पर कठोर दंड का प्रावधान है।
अदालत की टिप्पणी
अदालत ने कहा कि मीडिया की स्वतंत्रता के साथ-साथ बच्चों की गोपनीयता और सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। बिना अनुमति के बच्चों से संबंधित सामग्री प्रसारित करना गंभीर अपराध है, और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
यह मामला मीडिया की जिम्मेदारी और बच्चों की सुरक्षा के बीच संतुलन की आवश्यकता को दर्शाता है। मीडिया को अपनी रिपोर्टिंग में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का पालन करना चाहिए, विशेषकर जब बात बच्चों की हो।