भारतीय नागरिकता पाकर 24 विस्थापितों के चेहरे चमके, 60 को मिले स्वीकृति पत्र


के कुमार आहूजा  2024-11-30 07:08:45



 

पाकिस्तान में धार्मिक और आर्थिक प्रताड़ना से बचने के लिए भारत आए 24 विस्थापितों को शुक्रवार को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई। इनमें अधिकांश ऐसे थे जो 10 से 20 वर्ष पहले भारत आए थे, लेकिन कागजी कार्रवाई के कारण नागरिकता प्राप्त नहीं कर सके थे। अब भारतीय नागरिक बनने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है।

स्वीकृति पत्र वितरण

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज, जोधपुर के आडिटोरियम में आयोजित शिविर में 60 विस्थापितों को नागरिकता की स्वीकृति के पत्र भी दिए गए, जिन्हें आने वाले समय में नागरिकता मिल जाएगी। नागरिकता प्रमाण पत्र विधायक अतुल भंसाली, महापौर वनीता सेठ, संभागीय आयुक्त प्रतिभासिंह और कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने वितरित किए।

नागरिकता प्राप्त करने वाले विस्थापितों की प्रतिक्रिया

नागरिकता प्राप्त करने वाले विस्थापितों में से रइसा ने कहा कि उसे 25 वर्षों बाद नागरिकता मिली है, और उसका परिवार यहां बस चुका है। 2022 में जोधपुर आए मोहन ने बताया कि पाकिस्तान में भारत के संबंधों को लेकर उन्हें परेशानी उठानी पड़ती थी, हालांकि उसके कई परिजन अभी भी वहां हैं। हरिश कुमार ने बताया कि 16 वर्षों बाद उसे नागरिकता मिली है, और उसके माता-पिता और भाई वहां हैं। वहां हालात बहुत खराब थे, इसलिए वह यहां आए हैं। भारत में लोकतंत्र है, और वे खुलकर जी सकते हैं।

स्वीकृति पत्र प्राप्त करने वालों की स्थिति

जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने बताया कि इस शिविर में 60 विस्थापितों को स्वीकृति पत्र जारी किए गए हैं, जिनसे वे अपने पासपोर्ट पाकिस्तानी दूतावास में सरेंडर कर सकेंगे। इसके बाद उन्हें नागरिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले हुए कैंप में 378 को नागरिकता दी गई थी। नागरिकता के आवेदनों को लेकर लगातार काम चल रहा है, और इनकी परेशानियों को हल करने को प्राथमिकता दी जा रही है।

परिजनों के भारत आगमन की समस्या

भारत सरकार ने लंबे समय से पाकिस्तान से मिलने वाले नए आवेदनों पर वीजा देना बंद कर रखा है, जिसके चलते सैंकड़ों परिवार ऐसे हैं, जिनके परिजन पाकिस्तान में अटके हैं। उनका कहना है कि भारत सरकार वीजा देना शुरू करे, तो उनके परिवार के लोग भी यहां आ सकेंगे। इसके अभाव में कई परिवारों में बच्चे भारत आ गए हैं, लेकिन माता-पिता अभी पाकिस्तान में अटके हैं।

नागरिकता प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता

यह घटनाक्रम दर्शाता है कि पाकिस्तान से आए विस्थापितों के लिए नागरिकता प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है, ताकि वे अपने परिवारों के साथ भारत में एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें। सरकार को वीजा नीति में लचीलापन लाना चाहिए, जिससे परिवारों के पुनर्मिलन में सुविधा हो सके।


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