(11 राज्यों के 11 ऐतिहासिक फैसले) दस्तावेज़ों की वैधता के लिए सब-रजिस्ट्रार और अतिरिक्त कलेक्टर आवश्यक पार्टी नहीं- राजस्थान हाई कोर्ट 


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-11-30 06:05:11



 

राजस्थान हाई कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि यदि कोई व्यक्ति विवाद से संबंधित प्रश्नों पर साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है, तो भी उसे मुकदमे में आवश्यक पार्टी नहीं माना जा सकता। न्यायमूर्ति नुपुर भाटी की पीठ ने यह आदेश दिया।

मामले का विवरण: 

याचिकाकर्ता ने एक भूखंड खरीदी थी और उसके कब्जे, स्थायी निषेधाज्ञा और वसूली के लिए मुकदमा दायर किया। याचिकाकर्ता ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय और अतिरिक्त कलेक्टर को आवश्यक पार्टी बनाने का आवेदन दायर किया, जिसे निचली अदालत ने खारिज कर दिया।

पक्षों की दलीलें: 

याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालय और अतिरिक्त कलेक्टर दस्तावेज़ों की वैधता और सत्यता निर्धारित करने के लिए आवश्यक पक्ष हैं। वहीं, प्रतिवादी ने दावा किया कि इन अधिकारियों की उपस्थिति आवश्यक नहीं है।

निचली अदालत का निर्णय: 

निचली अदालत ने याचिकाकर्ता के आवेदन को खारिज करते हुए कहा कि इन अधिकारियों की उपस्थिति आवश्यक नहीं है।

उच्च न्यायालय का निर्णय: 

उच्च न्यायालय ने कहा कि केवल इसलिए कि कोई व्यक्ति विवाद से संबंधित प्रश्नों पर साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है, उसे आवश्यक पार्टी नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय 'रामेश्वर हिरानंद कुंदनमल बनाम मुंबई महानगरपालिका' का संदर्भ दिया, जिसमें कहा गया था कि आवश्यक पार्टी वह है जिसकी उपस्थिति बिना मुकदमा पूर्ण नहीं हो सकता।

यह निर्णय स्पष्ट करता है कि केवल साक्ष्य प्रस्तुत करने के आधार पर किसी को आवश्यक पार्टी नहीं माना जा सकता। मुकदमे में आवश्यक पार्टी वही होती है जिसकी उपस्थिति बिना मुकदमा पूर्ण नहीं हो सकता।


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